टीआरपी डेस्क। भारत के आधे हिस्से में जल प्रलय से हाहाकार मचा हुआ है। पंजाब से जम्मू-कश्मीर और दिल्ली से यूपी तक बारिश जानलेवा साबित हो रही है। जून से हो रही लगातार बारिश ने कई जिंदगियां लील ली। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में तबाही का ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसे देखकर लोगों का रूंह कांप गया। सितंबर महीने की शुरूआत हो चुकी है। पर हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। बारिश के सामने लोग लाचार हो चुके हैं। पंजाब में किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है। लोगों के घर बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

ऐसा ही हाल राजधानी दिल्ली का है। बारिश ने 2013 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिससे लाखों लोगों की जिंदगिंया दांव पर लग चुकी है। राजधानी के पॉश इलाके भी बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बाढ़ का पानी दिल्ली सचिवालय तक पहुंच गया है। हथिनीकुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। जिससे निचले इलाके तो पानी में डूब ही चुके हैं। वहीं, दिल्ली के कई स्थान जलमग्न हो चुके हैं। लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

एमपी में भी बारिश से हाल बेहाल है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में चंबल, नर्मदा और बाकी नदियों का जलस्तर बढ़ चुका है। इंदौर, भोपाल , रतलाम समेत मुख्य शहरों में पानी सड़क पर आ चुका है। जिससे कई घर पानी में डूब चुके हैं।

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एक नजर भारत के उन प्रदेशों की जहां बारिश से हाल बेहाल है…

पंजाब

पंजाब में बारिश ने सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बाढ़ की चपेट में आकर 37 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। किसानों के खेतों में पानी भर गया है। भारी बारिश से किसानों की फसल पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। उन्हें भारी-भरकम नुकसान हुआ है। हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते चला जा रहा है। आईएमडी ने पंजाब के लिए 7 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पंजाब में बाढ़ से अब तक 1,75,286 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई हैं।

दिल्ली

राजधानी दिल्ली का हाल बारिश से बेहाल है। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। दिल्ली एनसीआर पानी-पानी हो चुका है। रेस्क्यू टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। निचली बस्तियों को खाली करा लिया गया है। दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर सुबह 9 बजे यमुना नदी का जलस्तर 207.47 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ का पानी आसपास के क्षेत्रों और राहत शिविरों में लगातार भरता जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर

पिछले एक पखवाड़े में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण जम्मू-कश्मीर में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बारिश की वजह से जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग लगातार आठवें दिन भी बंद है। इस बीच, राज्य के कई जिलों में ज़मीन धंसने की भी खबर सामने आई है। डोडा में बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण 500 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

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उत्तराखंड

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, 60 से ज्यादा लोग लापता है। राज्य में अगस्त में बादल फटने की कई घटनाएं हुईं, जिससे भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई, जिससे घर तबाह हो गए और लोग व जानवर मलबे में दब गए। मौसम विभाग ने आज राज्य में रेड अलर्ट जारी किया है।

हरियाणा

राज्य के कई इलाके भी बाढ़ में डूबे हैं। राज्य में 11 लोगों की मौत हुई है। हिसार, पंचकूला, अंबाला और रोहतक में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली से पानी छोड़ने से फरीदाबाद में यमुना खतरे के निशान तक पहुंच गई है।

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में गुरुवार सुबह लैंडस्लाइड में दो घर ढह गए। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। 6 लोग अंदर फंस गए हैं। कुल्लू में बुधवार को भी लैंडस्लाइड हुई थी। मलबे में दबे एक NDRF जवान को 24 घंटे बाद आज रेस्क्यू किया गया।

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मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में गुरुवार को भी बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इंदौर में लगातार हो रही बारिश की वजह से कान्ह नदी का जलस्तर बढ़ गया है। कृष्णपुरा पुल के पास दो लोग फंस गए थे, जिन्हें नगर निगम और पुलिस की टीम ने रेस्क्यू किया। रतलाम, खंडवा, इंदौर और उज्जैन में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। उज्जैन के कई घाट डूब गए हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले 24 घंटे के दौरान झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास और सीहोर में अति भारी बारिश होने का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है।

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मौसम विभाग ने हल्की से अतिभारी बारिश की संभावना जताई है। बस्तर संभाग में तेज बारिश के आसार है। दूसरी ओर सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर में हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। पिछले दिनों में बस्तर संभाग में हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। नदी नाले उफान पर थे। इंद्रावती, शबरी समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। जिसकी वजह से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया था।