टीआरपी डेस्क। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार एक से बढ़कर एक योजनाएं राज्य में लाती है। जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल पाएं। साथ ही, किसान उन्नत तरीके से कृषि कर पाएं। ऐसे में यूपी सरकार ने 2025-26 वित्तीय वर्ष में 25 लाख नए किसानों को क्रेडिट कार्ड योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसे लेकर जिले के सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को सख्त निर्देश दिया गया है। ताकि, समय रहते हुए अधिक से अधिक किसानों को सस्ते में ऋण में उपलब्ध हो पाएं। इस योजना का लक्ष्य किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्त कर आत्मनिर्भर करना है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों को प्राथमिकता के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड सौंपा जाएगा। इससे पहले सभी सहकारी और वाणिज्यिक बैंकों को जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश जारी किया गया है। जिससे कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित न हो सके।

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खेतों तक पहुंचेगा सस्ता कर्ज, साहूकारों से मुक्ति

मुख्यमंत्री योगी की कल्पना है कि, किसानों को खेती से काफी फायदा हो यानी कि खेती फायदे को सौंपा बन जाएं। साथ ही, किसानों को कम ब्याज में फसल ऋण उपलब्ध होता रहे। जिससे वे समय रहते बीज, खाद, कीटनाशक और सिंचाई जैसी जरूरतें पूरा कर सके। इससे उनकी उपज बढ़े और आमदनी में सुधार हो।

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना?

साल 1998 में भारत सरकार ने किसान क्रेडिट योजना की शुरूआत हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ता और आसान कर्ज उपलब्ध कराना है। ये कार्ड किसानों को बैंक से नगद निकालने के साथ खरीदारी करने की सुविधा देता है। इस पर 4 प्रतिशत तक ब्याज लगता है। समय पर भुगतान करने पर इसमें कमी दर्ज की जाती है।