जबलपुर: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बने रेलवे ओवरब्रिज की तकनीकी जांच रिपोर्ट एमपी हाईकोर्ट में पेश कर दी गई है। जांच में स्पष्ट किया गया कि यह ब्रिज 90 डिग्री का नहीं, बल्कि 118-119 डिग्री का है। रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई को बरकरार रखा गया है। बता दे, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मौलाना आजाद नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) से भोपाल के आरओबी की जांच करवाई थी।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की ओर से जारी डिजाइन के अनुसार ही काम किया था। हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच में मामले की सुनवाई हुई।
इस बीच, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि देश और दुनिया में कई ऐसे ब्रिज मौजूद हैं, जो भौगोलिक परिस्थितियों के कारण 90 डिग्री या उससे अलग बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल के इस ब्रिज में समस्या बेहतर समन्वय की कमी की वजह से हुई।
गौरतलब है कि यह ओवरब्रिज भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम के पास 18 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इसकी लंबाई 648 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है, जिसमें 70 मीटर का रेलवे हिस्सा शामिल है। निर्माण कार्य मई 2022 में शुरू हुआ था और इसे 18 माह में पूरा किया जाना था। लेकिन, 10 साल बाद लोकार्पण से पहले ये ब्रिज सुर्खियों में आ गया।


