जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है. यहां के पत्थलगांव शासकीय अस्पताल में एक नर्स ने एक नवजात बच्ची को बेच दिया। इस पूरे केस का जशपुर के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने खुलासा किया है। मामले में कुल तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है जिसमें एक नर्स और दंपति शामिल है जिसे नवजात बच्ची बेची गई थी।
जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि पीड़ित सुखदेव नाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के मुताबिक उसने बताया था कि उसकी पहली पत्नी की मृत्यु हो गई है। उससे कुल 4 बच्चे हैं। दूसरी पत्नी दिलासो बाई ने 28 अगस्त 2025 को शासकीय अस्पताल, पत्थलगांव में बच्ची को जन्म दिया था। 30 अगस्त को छुट्टी के समय प्रार्थी घर से सामान लेने गया हुआ था। लौटने पर उसकी पत्नी ने बताया कि नर्स अनुपमा टोप्पो बच्ची को टीका लगाने ले गई है और कहा कि बच्ची की हालत गंभीर है, इलाज के लिए बाहर भेजना पड़ेगा।
नर्स ने पीड़ित दंपत्ति को रखा धोखे में
इस पूरे वारदात में नर्स ने खौफनाक साजिश रची। उसने पीड़ित परिवार से कागजों पर दस्तखत करा लिए। उसके बाद कोरबा से आए दो लोग निशिकांत मिंज और सुमन वानी मिंज ने परिजनों से कहा कि वे बच्ची का इलाज कराएंगे और कुछ दिनों बाद लौटा देंगे। गरीब और मजबूर माता-पिता ने उन पर विश्वास कर लिया, लेकिन बच्ची लंबे समय तक वापस नहीं लौटी। बार-बार पूछने पर नर्स टालती रही। आखिरकार गांव के एक व्यक्ति से खुलासा हुआ कि नवजात को कोरबा निवासी दंपत्ति को गोद दे दिया गया है।
पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई
इस केस में पुलिस ने तगड़ा एक्शन लिया। थाना पत्थलगांव ने JJ एक्ट की धारा 80 और 81 के तहत अपराध दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस ने तफ्तीश तेज की और उसके बाद हैरान करने वाला खुलासा हुआ।
आरोपी दंपत्ति को किया गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी दंपत्ति से नवजात गोद लेने के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कुछ भी पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने नर्स अनुपमा टोप्पो और दंपत्ति निशिकांत मिंज, सुमन वानी मिंज को गिरफ्तार कर लिया. तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया. अदालत ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जशपुर SSP ने बताया कि पत्थलगांव अस्पताल में नर्स ने माता-पिता को धोखे में रखकर नवजात बच्ची को दंपत्ति को सौंप दिया था। पुलिस ने रिपोर्ट मिलते ही गंभीरता से जांच की और नर्स समेत दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची सकुशल बरामद कर ली गई है और अब उसे चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में रखा गया है।
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त गंभीर खामियों को दर्शाया है। कैसे एक नर्स ने मरीज के विश्वास के साथ खेला और उसे धोखा दिया। अब सभी आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
नवजात बच्ची के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपिया नर्स तथा नवजात बच्ची को अपने पास रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, व नवजात शिशु को बरामद कर, चाइल्ड हेल्थ व वेलनेस सेंटर में रखा गया है।



