टीआरपी डेस्क। Benefits of Basil : आयुर्वेद में तुलसी को “औषधियों की रानी” कहा गया है। घर में तुलसी का पौधा होना शुभ ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद उपयोगी माना जाता है। लेकिन क्या तुलसी के पत्ते चबाकर खाना बेहतर है या तुलसी का रस पीना? आइए विस्तार से जानते हैं दोनों के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में।

तुलसी के पत्ते खाने के फायदे

तुलसी के पत्तों को सीधे चबाने से शरीर को एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल तत्व मिलते हैं। ये सर्दी-जुकाम, खांसी और गले के दर्द में राहत देते हैं। रोज सुबह खाली पेट 4-5 तुलसी के पत्ते चबाने से इम्युनिटी बढ़ती है और ब्लड प्युरिफिकेशन होता है। तुलसी के पत्ते पाचन को बेहतर करते हैं और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं।

तुलसी का रस कब और कैसे फायदेमंद

कान दर्द, सर्दी-खांसी और बुखार जैसी समस्याओं में तुलसी का रस दवा की तरह असर करता है। कान में दर्द होने पर इसके कुछ बूंदें डालने से तुरंत आराम मिलता है। तुलसी का रस अदरक और शहद के साथ मिलाकर पीने से खांसी में तुरंत राहत मिलती है। रोज सुबह गुनगुने पानी में तुलसी रस की 3-4 बूंदें मिलाकर पीने से पाचन शक्ति में सुधार होता है और पेट की गड़बड़ी दूर होती है।

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तुलसी के आयुर्वेदिक गुण

तुलसी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। ये न सिर्फ मौसमी बीमारियों से बचाव करते हैं बल्कि किडनी और लिवर को भी हेल्दी बनाए रखते हैं। तुलसी का रस त्वचा पर लगाने से पिंपल और एक्ने कम होते हैं और नेचुरल ग्लो आता है।

दोनों ही स्थितियों में तुलसी फायदेमंद

यदि कोई तुलसी के पत्ते चबाकर नहीं खा सकता, तो उसे तुलसी का रस निकालकर सेवन करना चाहिए। दोनों ही रूपों में तुलसी शरीर को डिटॉक्स करने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करती है।

Benefits of Basil : तुलसी के पत्ते और रस दोनों ही अमृत के समान हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि किस रूप में आप उसका सेवन कर रहे हैं। आयुर्वेद में कहा गया है “एक तुलसी, सौ दवाओं के बराबर।”