टीआरपी डेस्क। Pushya Nakshatra : दीपावली से पहले शुभ योगों की श्रृंखला शुरू हो चुकी है। इस वर्ष 14 और 15 अक्टूबर 2025 को 2 दिवसीय पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में ‘राजा’ का दर्जा प्राप्त है और यह अन्य सभी नक्षत्रों से कहीं अधिक शुभ माना जाता है।

मंगल पुष्य और बुध पुष्य का दुर्लभ योग

जाने माने ज्योतिषाचार्य अर्नब शास्त्री ने बताया कि, इस बार पुष्य नक्षत्र के दौरान मंगल पुष्य और बुध पुष्य नामक दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ये योग धन, समृद्धि, सफलता और सौभाग्य में वृद्धि के लिए बेहद लाभकारी हैं। इस विशेष संयोग में स्वर्ण, वाहन, भूमि, संपत्ति, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक सामान, आभूषण और घरेलू उपकरणों की खरीदारी बेहद शुभ मानी जा रही है।

व्यापारी और ग्राहक दोनों उत्साहित

पुष्य नक्षत्र के संयोग को देखते हुए शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। व्यापारियों ने खास ऑफर्स और छूट के साथ तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं ग्राहकों ने भी इस शुभ मुहूर्त का लाभ लेने के लिए खरीदारी शुरू कर दी है।

See also  बहन यमुना के घर पहुंचे थे भैया यमराज, इस खुशी में मनाते हैं भैया दूज, जानें इस शुभ दिन में कैसा रहेगा राशिफल

धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण

पुष्य नक्षत्र केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान दातृत्व, जप-तप, पूजा-पाठ, व्रत और अनुष्ठान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

कब से कब तक रहेगा शुभ मुहूर्त ?

  • पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ: 14 अक्टूबर 2025, सुबह 7:18 बजे से
  • पुष्य नक्षत्र का अंत: 15 अक्टूबर 2025, दोपहर 2:45 बजे तक

इस दौरान पूरे समय शुभ कार्य किए जा सकते हैं क्योंकि पुष्य नक्षत्र में कोई भी अशुभ काल मान्य नहीं होता।

Pushya Nakshatra : यदि आप नया व्यवसाय शुरू करने, गाड़ी या घर खरीदने, सोना लेने, निवेश करने या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत की सोच रहे हैं तो यह समय आपके लिए श्रेष्ठ हो सकता है। पुष्य नक्षत्र का यह दुर्लभ संयोग हर बार नहीं आता, इसलिए इसे व्यर्थ न जाने दें।