टीआरपी डेस्क। मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस ने रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान भदौरिया और उनके परिवार के नाम करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ असंगत संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के बाद की गई।

लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी सुनील तलान ने बताया कि ग्वालियर और इंदौर में भदौरिया के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। ग्वालियर में एक संपत्ति और इंदौर में सात ठिकानों की जांच की गई, जो भदौरिया और उनके परिवार के नाम दर्ज हैं।

तलान ने बताया कि छापेमारी में लगभग 1.05 करोड़ रुपये नकद, 1.5 किलोग्राम सोने के बार और करीब एक किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए। साथ ही परिवार के पास सात से आठ बैंक खाते, लॉकर्स, तीन से चार लग्जरी गाड़ियां और फिल्मों में निवेश की जानकारी भी मिली है। इंदौर, ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के इटावा में भी परिवार की संपत्तियां पाई गई हैं।

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भदौरिया इस वर्ष 31 अगस्त को अलीराजपुर जिले में आबकारी अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने और उनके परिवार ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। लोकायुक्त पुलिस अब उनकी और उनके परिवार की संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन कर रही है।

अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के मामलों पर लोकायुक्त की सख्त नजर है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर सरकारी सेवा में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। पुलिस ने बताया कि संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश से जुड़ी विस्तृत जांच जारी है। आगे की जानकारी मिलने पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।