0 सुको का सीजी हाई कोर्ट को मामला 4 हफ्ते में निपटारे के आदेश
रायपुर। सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और राज्य सूचना आयोगों में खाली पड़े आयुक्तों के पदों पर नियुक्ति को लेकर अहम आदेश जारी किया है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण तीन सप्ताह में चयन प्रक्रिया शुरू करने और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है।
छत्तीसगढ़ पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा..?
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से कहा है कि वह संबंधित मामलों का अंतिम निपटारा चार सप्ताह के भीतर करे। साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को अनुपालन रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के राज्य सूचना आयोग में अब केवल एक ही सूचना आयुक्त रह गए हैं और यहां हजारों प्रकरण लंबित हैं।
दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर मई 2025 में रोक लगा दी थी। चयन प्रक्रिया के बीच में सरकार की तरफ से 25 वर्ष के कार्य अनुभव की शर्तें लागू करने की वजह से रोक लगाई है। 28 मई को ही राज्य सूचना आयुक्त के दो पदों के लिए 51 आवेदकों ने इंटरव्यू दिया था। लेकिन, अब हाईकोर्ट से रोक लगने की वजह से इसका रिजल्ट जारी नहीं हो सकेगा।
कोर्ट ने चयन प्रक्रिया के बीच कार्य अनुभव की शर्तें लागू करना गलत माना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाई है। 9 जून को अगली सुनवाई के बाद ही इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य सूचना आयुक्त के दो पदों के लिए चयन प्रक्रिया ने विज्ञापन निकाला था। चयन प्रक्रिया के बीच में 9 मई को 25 वर्ष के कार्य अनुभव की शर्त लागू की गई थी। इंटरव्यू से पहले इस शर्त को शामिल करने के खिलाफ तीन याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट में 29 मई को इस पर सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के सभी राज्यों को भी सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर हिदायतें दीं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण तीन सप्ताह में चयन प्रक्रिया शुरू करें और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें।
तमिलनाडु, ओडिशा, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र को लेकर कोर्ट ने कहा है कि RTI अपीलों/शिकायतों की भारी संख्या को देखते हुए आयुक्तों के नए पद स्वीकृत करने पर विचार करें और निर्णय की सूचना दें। इसके अलावा सभी राज्य सरकारों को स्वीकृत पदों की संख्या, भरे पदों की स्थिति और चयन प्रक्रिया की प्रगति का विवरण स्टेटस रिपोर्ट में देने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने झारखंड के मुख्य सचिव 45 दिनों में लंबित चयन पूरा करें और हलफनामा दाखिल करें, वरना कोर्ट आवश्यक कार्रवाई करेगा।



