टीआरपी। Dev Deepawali on November 5 : नवंबर माह के पहले दिन हिंदू पंचांग के कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी तिथि पर तुलसी विवाह धूमधाम से रचाया गया। सुबह से लेकर शाम तक के शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु के जागने की परंपरा निभाई गई। इसी के साथ चार माह से रूके शुभ संस्कारों की शुरुआत हो चुकी है। अब, 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में पुण्य की डुबकी लगाई जाएगी। इसी दिन देव दीपावली मनाई जाएगी। एक माह से चल रहे पवित्र कार्तिक माह का समापन होगा।

6 नवंबर से मार्गशीर्ष माह का शुभारंभ, अगहन गुरुवार का महत्व

5 नवंबर को देव दीपावली के पश्चात अगले दिन 6 नवंबर से मार्गशीर्ष यानी अगहन माह का शुभारंभ होगा। श्रीमद्भागवत गीता में मार्गशीर्ष माह को श्रेष्ठ माह कहा गया है। इसी माह प्रत्येक गुरुवार को महालक्ष्मी का विशेष पूजन करने की परंपरा है। इसे अगहन गुरुवार कहा जाता है। विधिवत व्रत और जप करने कई गुना अधिक पुण्यफल की प्राप्ति होती है। साथ हीं भगवद्गीता का पाठ करना, और श्रीकृष्ण की उपासना करना चाहिए।

See also  चंद्रमा, बृहस्पति, शनि के प्रभाव से जाने कैसा रहेगा 12 सितंबर का राशिफल

नवंबर 2025 के प्रमुख व्रत और त्योहार


1 नवंबर – देवउठनी एकादशी, चातुर्मास समाप्त
2 नवंबर – तुलसी विवाह
3 नवंबर – योगेश्वर द्वादशी, सोम प्रदोष व्रत
4 नवंबर – बैकुंठ चतुर्दशी, मणिकर्णिका स्नान
5 नवंबर – देव दीपावल, भीष्म पंचक समाप्त, गुरु नानक जयंती, पुष्कर स्नान, कार्तिक पूर्णिमा स्नान
6 नवंबर – मार्गशीर्ष मास आरंभ
8 नवंबर – गणाधिप संकष्टी
11 नवंबर – मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
12 नवंबर – कालभैरव जयंती, कालाष्टमी
15 नवंबर – उत्पन्ना एकादशी
16 नवंबर – वृश्चिक संक्रांति
17 नवंबर – सोम प्रदोष व्रत
18 नवंबर – मासिक शिवरात्रि
19 नवंबर – दर्श अमावस्या, मार्गशीर्ष अमावस्या
22 नवंबर – चंद्र दर्शन
24 नवंबर – विनायक चतुर्थी
25 नवंबर – विवाह पंचमी
26 नवंबर – स्कंद षष्ठी
28 नवंबर – मासिक दुर्गाष्टमी