टीआरपी डेस्क। Tulsi Mala : यदि आप भी भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के भक्त हैं और तुलसी माला धारण करना चाहते हैं, तो पहले इसके नियम और लाभ जान लीजिए। सनातन परंपरा में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है। इसे “विष्णु प्रिया” कहा गया है, यानी भगवान विष्णु की प्रिय। इसलिए हर पूजा, आरती और भक्ति में तुलसी का विशेष स्थान होता है।

तुलसी माला धारण करने के लाभ

  • ईश कृपा की प्राप्ति

तुलसी माला पहनने वाले व्यक्ति पर सदा भगवान विष्णु, श्री कृष्ण और नारायण की कृपा बनी रहती है। यह भक्ति का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ईश कृपा पाने का माध्यम भी माना जाता है।

  • नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा

कहा जाता है कि तुलसी माला एक ऊर्जात्मक कवच की तरह काम करती है। यह नकारात्मक शक्तियों, भय और मानसिक तनाव से बचाव करती है।

  • आध्यात्मिक उन्नति

तुलसी माला धारण करने से मन शांत रहता है और ध्यान, जप या साधना के दौरान एकाग्रता बढ़ती है।

  • शारीरिक लाभ
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तुलसी में औषधीय गुण होते हैं। तुलसी की माला पहनने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे सेहत बेहतर रहती है।

  • कर्म शुद्धि

तुलसी भगवान की अर्चना में सबसे प्रिय मानी जाती है। इसे पहनने से व्यक्ति के विचार और कर्म सात्त्विक हो जाते हैं और जीवन में संयम बढ़ता है।

तुलसी माला पहनने के जरूरी नियम

  • माला पहनने से पहले स्नान करें और शरीर को शुद्ध रखें।
  • माला को गले में ही रखें, इसे पैरों या अशुद्ध स्थान पर न रखें।
  • सोते समय माला उतारने की जरूरत नहीं लेकिन अपवित्र स्थिति में इसे न पहनें।
  • तुलसी माला किसी और को पहनने न दें, यह सिर्फ अपने उपयोग के लिए होती है।
  • एकादशी, सोमवार या गुरुवार को स्नान के बाद माला धारण करना सबसे शुभ माना गया है।
  • माला पहनते समय मन में भक्ति और श्रद्धा का भाव रखना जरूरी है।

Tulsi Mala : तुलसी माला सिर्फ आभूषण नहीं, यह आस्था, ऊर्जा और भक्ति का प्रतीक है। अगर आपने अब तक नहीं पहनी, तो एक बार इसे जरूर पहन कर इसके प्रभाव देखें, जीवन में सकारात्मकता का अनुभव महसूस होगा।

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