टीआरपी। The dream of a self-reliant India : स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत “आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका, नवाचार और उद्यमिता” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (IIC) के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि युवाओं के नवाचार और उद्यमिता से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्यमशीलता की भावना को मजबूत करना था, ताकि युवा भारत के आत्मनिर्भरता मिशन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

मंत्री वर्मा ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को देश की आर्थिक मजबूती का आधार बताया। कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट को अवसर में बदलने की प्रधानमंत्री की सोच ने भारत को विश्व में पहला ऐसा देश बनाया जिसने अपनी ही धरती पर कोविड वैक्सीन विकसित की।

मंत्री वर्मा ने केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया,मेक इन इंडिया,डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैण्डअप इंडिया जैसी पहल को युवाओं के लिए बड़ा अवसर बताया। मंत्री वर्मा ने कहा कि एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, फिनटेक, एग्रीटेक और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में भारत के युवा विश्व नेतृत्व की क्षमता रखते हैं। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले युवाओं की आवश्यकता है। विकसित भारत का भविष्य युवा शक्ति के नवाचार पर ही टिका है।

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इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्रगण उपस्थित थे। इस अवसर पर विभिन्न विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय पदाधिकारियों एवं नवाचार से जुड़े वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।