टीआरपी। DGP, IG CONFRENCE : राजधानी रायपुर में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित 60वीं पुलिस महानिदेशक-महानिरीक्षक (डीजीपी-आईजी) कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जिस तरह से अपराध की प्रवृत्ति तेजी से बदल रही है, उसी के अनुरूप अब हमें देश की पुलिसिंग में भी बदलाव करने की जरूरत है। कांफ्रेंस में नक्सलवाद, आतंकवाद, घुसपैठ, नारकोटिक्स जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

कांफ्रेंस में देशभर से पहुंचे पुलिस महानिदेशकों ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष प्रजेंटेशन दिया। इटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के उत्कृष्ट सेवा देने वालों को सम्मानित भी किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख तपन डेका भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस की फोटो साझा की है। साथ ही लिखा है, रायपुर में आयोजित डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में भारत की सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। यह इस क्षेत्र में सर्वाेत्तम प्रथाओं और नवाचारों को साझा करने का एक बेहतरीन मंच है।

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मादक पदार्थों की तस्करी पर चर्चा

विदेशों से आने वाले मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर पंजाब और राजस्थान के डीजीपी ने प्रजेंटेशन के जरिए अपनी बात रखी। साथ ही बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गिरोह के लोग स्थानीय नेटवर्क के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के डीजीपी ने घुसपैठ की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश से विभिन्न रास्तों के जरिए इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।

सिमट रहा नक्सलियों का कुनबा

छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने बताया कि पिछले दो साल में नक्सलवाद लगातार सिमटता जा रहा है। इस समय बस्तर के तीन जिले बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के अबूझमाढ़ के कुछ इलाकों में नक्सली सक्रिय हैं। हालांकि फोर्स के लगातार ऑपरेशन चलाने के कारण वे बैकफुट पर आ गए हैं। सम्मेलन में पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा के डीजीपी ने भी बताया कि सीमांत इलाकों में नक्सली सक्रिय हैं। उनसे निपटने के लिए फोर्स सक्षम है। मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त यूनिट बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरोह को समाप्त करने के लिए विस्तृत रणनीति बनाने पर जोर दिया।

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