बिलासपुर। पिछले महीने 4 नवंबर को गतौरा–बिलासपुर सेक्शन में हुई मेमू ट्रेन दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रेन संचालन में गंभीर गलती और नियमों का उल्लंघन था। इस हादसे में चालक सहित 13 यात्रियों की मौत हो गई थी।

क्या है सीआरएस की रिपोर्ट में..?

68733 गेवरारोड–बिलासपुर मेमू के लोको पायलट मनोवैज्ञानिक (साइको) परीक्षण में अनुत्तीर्ण थे। रेलवे नियमों के मुताबिक, मेमू या ईएमयू ट्रेन चलाने के लिए साइको टेस्ट पास करना अनिवार्य है, इसके बावजूद उन्हें ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

क्षमता प्रमाण पत्र में की खामियां

लोको पायलट के क्षमता प्रमाणपत्र (सक्षमता सर्टिफिकेट) में भी कई खामियां पाई गईं। इसमें निर्धारित प्रारूप का पालन नहीं किया गया। किस सेक्शन के लिए अनुमति है, इसका उल्लेख नहीं था और किस प्रकार के इंजन के लिए सर्टिफिकेट है, इसका भी उल्लेख नहीं है। रजिस्टर और सर्विस रिकॉर्ड में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज नहीं की गई थी। सीआरएस ने रेलवे की इस लापरवाही को गंभीर सुरक्षा जोखिम बताया है।

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अफसरों की दलील को सीआरएस ने नकारा

जांच में जोन के कुछ अधिकारियों ने दलील दी थी कि कि फेल लोको पायलट भी असिस्टेंट लोको पायलट के साथ ड्यूटी कर सकता है। सीआरएस ने इस दलील को पूरी तरह गलत और नियम-विरुद्ध बताया।
रेलवे बोर्ड ने 15 अक्टूबर 2024 को स्पष्ट आदेश जारी किया था कि बिना साइको टेस्ट पास किए मेमू चलाना पूर्णत: प्रतिबंधित है। फिर भी जोन ने अपना अलग नियम लागू कर दिया।

खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी मेमू ट्रेन

बता दें कि गेवरारोड से बिलासपुर की ओर आ रही मेमू ट्रेन खड़ी मालगाड़ी में जा टकराई और इंजन ऊपर चढ़ गया। इस हादसे में चालक सहित 13 यात्रियों की मौत हुई थी और करीब 2 दर्जन यात्री घायल हो गए थे। जांच के दौरान 91 से अधिक अधिकारियों–कर्मचारियों के बयान लिए गए और घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया गया था।

लोको पायलट की काबिलियत पर सवाल

लोको पायलट विद्यासागर ने 3 जुलाई से 28 अगस्त 2025 तक प्रमोशनल कोर्स तो पास किया, लेकिन 9 जून 2025 को मोटरमैन के लिए अनिवार्य मनोवैज्ञानिक परीक्षण में फेल हो गए थे। इसके बावजूद उन्हें मेमू पर तैनात कर दिया गया था।

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सीआरएस ने अभी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है। फाइनल रिपोर्ट आने में कुछ समय लगेगा, जिसमें दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी और सिस्टम की कमियों का विस्तृत विवरण मिल सकता है।