टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन के लिए आने वाला साल खास साबित हो सकता है। अगले महीने पार्टी के सभी जिला अध्यक्षों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर प्रस्तावित है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद क्लास लेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बस्तर या सरगुजा संभाग में आयोजित किए जाने की तैयारी है। दोनों ही संभाग आदिवासी बहुल हैं और कांग्रेस की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं।
इस शिविर में जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन की बारीकियों से लेकर मीडिया हैंडलिंग, सोशल मीडिया कैंपेन और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी जिला अध्यक्षों को पूरे कैंप की अवधि तक वहीं रहना अनिवार्य होगा। राहुल गांधी और अन्य केंद्रीय नेताओं के शेड्यूल को अंतिम रूप दिए जाने के बाद पार्टी औपचारिक दिशा-निर्देश जारी करेगी।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, जयराम रमेश, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा, शशिकांत सेंथिल समेत कई वरिष्ठ नेता और विषय विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी को दो दिनों तक शिविर में मौजूद रहने का प्रस्ताव भेजा गया है।
खास बात यह रहेगी कि राहुल गांधी केवल भाषण तक सीमित नहीं रहेंगे। वे जिला अध्यक्षों से आमने-सामने बातचीत भी करेंगे। इस दौरान जिलों की सामाजिक स्थिति, राजनीतिक समीकरण, संगठन की कमजोरियां और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है। अनुशासन को लेकर पार्टी सख्त रहेगी। प्रशिक्षण शिविर में जिलाध्यक्षों के गनमैन, ड्राइवर और निजी सहायक को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सभी जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण शुरू होने से एक दिन पहले कैंप स्थल पर पहुंचना होगा।
शिविर में शामिल होने से पहले जिला अध्यक्षों को कुछ जरूरी तैयारियां भी करनी होंगी। ठंड के मौसम को देखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिन नेताओं का किसी तरह का इलाज चल रहा है या जो नियमित दवाइयां लेते हैं, उन्हें डॉक्टर के पर्चे के अनुसार दवाएं अपने साथ लानी होंगी। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आरामदायक और मजबूत जूते साथ रखने को कहा गया है। इसके अलावा, अपने सामान की पहचान के लिए बैग या सूटकेस पर नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।



