बिलासपुर। लोक सेवा आयोग की ओर से 2019 में ली गई सिविल जज की परीक्षा रद्द नहीं होगी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश रामचंद्रन मेनन और पीपी साहू की डिविजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश को पलटते हुए यह आदेश जारी किया।

हाईकोर्ट ने पूर्व में ली गई परीक्षा को सही ठहराते हुए मुख्य परीक्षा लेने का आदेश पीएससी को दिया है, लेकिन इसके साथ ही कोर्ट ने पीसएसी को फटकार भी लगाते हुए यह भी कहा कि कार्यशैली संतुष्टि लायक नहीं है, व्यवस्था सुधारें।

दरअसल कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए यह 4 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है। सिविल जज की परीक्षा में पूछे गए सवालों पर आपत्ति जताते हुए 9 छात्रों ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

आपको बता दे कि पूर्व में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सिविल जज की रिजल्ट को निरस्त करते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला दिया था। इस फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थी ऋतुराज बर्मन एवं अन्य की ओर से मुख्य न्यायाधीश की डिवीजन बेंच के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई थी।

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