रायपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में इन दिनों प्रमुख अभियंता (ईएनसी) की संविदा अवधि को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। विभाग के वर्तमान प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उइके की संविदा खत्म होने के बाद उन्हें फिर से कार्य विस्तार (एक्सटेंशन) दिए जाने की खबरें छनकर आ रही हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में विभाग ने चुप्पी साध रखी है और संबंधित आदेश को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।
सात माह से संविदा के भरोसे विभाग
जल संसाधन विभाग में प्रमुख अभियंता का महत्वपूर्ण पद पिछले सात महीनों से संविदा अफसर के भरोसे चल रहा है। इंद्रजीत उइके को पहली बार पिछले साल 6 जुलाई को संविदा पर नियुक्त किया गया था। उस समय जारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि यह नियुक्ति छह माह की अवधि या पद की पूर्ति पदोन्नति से होने तक के लिए की गई है। अब चर्चा है कि उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।
वरिष्ठ अफसरों में निराशा, बिना मौका मिले हो रहे सेवानिवृत्त
संविदा पर बार-बार कार्य विस्तार दिए जाने के कारण विभाग के निचले स्तर पर कार्यरत वरिष्ठ और योग्य अफसरों में भारी निराशा देखी जा रही है। कई पात्र अधिकारियों को प्रमुख पद पर काम करने का मौका मिले बिना ही सेवानिवृत्त होना पड़ रहा है। वर्तमान अफसर की संविदा नियुक्ति के समय दो मुख्य अभियंता इस दौड़ में शामिल थे, जिनमें से एक सेवानिवृत्त हो चुके हैं और दूसरे भी इसी माह सेवानिवृत्ति की कगार पर हैं।
विभाग में वरिष्ठता का संकट
आंकड़ों और चर्चाओं के अनुसार, विभाग में वर्तमान में वरिष्ठ अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है। यदि इसी तरह महत्वपूर्ण पदों पर संविदा नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहा, तो विभाग में नेतृत्व के लिए योग्य और अनुभवी अफसरों का अभाव हो सकता है। विभागीय गलियारों में इस गोपनीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पदोन्नति के जरिए नियमित नियुक्ति के बजाय संविदा को ही प्राथमिकता क्यों दी जा रही है।



