Naga Sadhu Peshwai at Rajim Kumbh Kalp 2026.

टीआरपी। धर्म नगरी राजिम में शनिवार को राजिम कुंभ कल्प के दौरान सनातन परंपरा का सबसे अलौकिक दृश्य देखने को मिला। नागा साधुओं ने भव्य पेशवाई निकाली, जिसमें भस्म रमाए और जटा लहराते संतों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन कर श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। पूरे नगर में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

पेशवाई (शाही जुलूस) अखाड़ा संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। राजिम कुंभ में इस तरह का आयोजन इसे हरिद्वार और प्रयागराज कुंभ के समकक्ष ख्याति दिलाता है। यह न केवल स्थानीय पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाता है, बल्कि युवाओं को अपनी प्राचीन शौर्य परंपराओं से परिचित कराता है।

अस्त्र-शस्त्रों के करतब और भव्य पालकी यात्रा

नागा साधुओं की टोली लोमष ऋषि आश्रम से रवाना होकर भगवान दत्तात्रेय मंदिर पहुँची। यहाँ विशेष पूजा-अर्चना और हवन के बाद भगवान दत्तात्रेय को भव्य पालकी में विराजित कर पेशवाई शुरू हुई। शंखनाद, डमरू और नगाड़ों के बीच साधु-संतों ने तलवारबाजी और भाला चलाने के पारंपरिक करतब दिखाए। यह यात्रा सुंदरलाल शर्मा चौक और वीआईपी मार्ग होते हुए संत समागम परिसर पहुँची।

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“माला भी जरूरी और भाला भी”

मध्यप्रदेश मंडल के संत महंत स्वामी गणेशानंद गिरी महाराज ने इस दौरान बड़ा संदेश दिया। उन्होंने बताया कि राजिम में जूना अखाड़ा सहित कुल 7 अखाड़ों के करीब 200 साधु संत पहुँचे हैं। उन्होंने कहा, “एक साधु के लिए जितना माला (भक्ति) जरूरी है, उतना ही भाला (रक्षा) भी जरूरी है। जो धर्म विरुद्ध कार्य करेंगे, उन्हें हम शास्त्र और शस्त्र दोनों से समझाएंगे।”

विधायक ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

राजिम विधायक रोहित साहू ने स्वयं पेशवाई मार्ग पर पहुँचकर नागा साधुओं का पुष्पवर्षा के साथ आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नागा संतों की उपस्थिति से राजिम कुंभ की आध्यात्मिक गरिमा और बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से एसडीएम विशाल महाराणा और पुलिस टीम सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही।

  • प्रमुख अखाड़े: जूना, आवाहन, अग्नि, महानिर्वाणी, निरंजनी, अटल और आनंद अखाड़ा।
  • शामिल संत: 7 अखाड़ों के लगभग 200 नागा साधु
  • मुख्य आकर्षण: शस्त्र प्रदर्शन, भगवान दत्तात्रेय की पालकी और भस्म आरती।
  • प्रमुख व्यक्तित्व: महंत उमेशानंद गिरी, विधायक रोहित साहू और स्वामी गणेशानंद गिरी।
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पेशवाई के बाद अब कुंभ के प्रमुख शाही स्नान महाशिवरात्रि की तैयारियां तेज हो गई हैं। नागा साधु शाही अंदाज में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण होगा।