टीआरपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में रविवार की रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गंगा एक्सप्रेस-वे पर सुलतानपुर जनौली के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने पैदल जा रहे सात लोगों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हृदयविदारक हादसे में एक किशोरी सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
यह घटना एक्सप्रेस-वे पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं (एम्बुलेंस) की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाती है। हादसे के बाद एम्बुलेंस का दरवाजा न खुलना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर करता है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
भंडारे से लौटते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, जगतपुर के कोडर निवासी रिया पटेल, प्रिया पटेल, हिमांशी, शालिनी, रश्मि, साधना और एक महिला आसमा चूली गांव में आयोजित एक भंडारे में शामिल होने गई थीं। रात में सभी पैदल घर लौट रही थीं, तभी सुलतानपुर जनौली के पास काल बनी तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में हिमांशी और शालिनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आसमा और रश्मि ने अस्पताल में दम तोड़ा।
एम्बुलेंस की लापरवाही और लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद जब सूचना पर एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, तो करीब आधे घंटे तक एम्बुलेंस का दरवाजा ही नहीं खुला। इसे देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने जगतपुर-डलमऊ रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
2 किमी लंबा जाम, मशक्कत में जुटी पुलिस
लक्ष्मणपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और विरोध प्रदर्शन के कारण मार्ग पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस वजह से दूसरी एम्बुलेंस को घटना स्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई और घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल ले जाना पड़ा। सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि कार को कब्जे में ले लिया गया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।


