रायपुर। अफीम की खेती के मामले में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा, नलिनेश ठोकने, शिव नारायण पांडेय और प्रदेश मंत्री अमित साहू ने एकात्म परिसर में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस ली और वीडियो प्रजेंटेशन के जरिए विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस के लगाए जा रहे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। साथ ही कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार ने इस मामले में संपूर्ण कार्रवाई कर दी थी, उसके दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस नेताओं के साथ अफीम के खेत में क्यों गए?

वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिये रखी बात

भाजपा प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने सबसे पहले अफीम की खेती का वीडियो दिखाया और बताया कि कैसे मक्का और गेंहू के उपज के बीच अफीम की खेती की जा रही थी। उन्होंने बताया यह कृत्य पिछले 5 सालों से चल रहा था, मतलब साफ है कि भूपेश बघेल की सरकार के समय से यह सब शुरू हुआ था। उन्होंने दोहराया कि यह सर्व विदित है कि कांग्रेस के संरक्षण में नशे का कारोबार फला-फूला। जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि अफीम की यह खेती पिछले पांच वर्षों से चल रही थी। इसका सीधा अर्थ है कि यह काला कारोबार कांग्रेस शासनकाल के दौरान शुरू हुआ और उनके संरक्षण में पनपा, मगर भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार ने सूचना मिलते ही एक घंटे के भीतर कलेक्टर, पुलिस और सभी एजेंसियों को मौके पर भेजकर त्वरित कार्रवाई की।

See also  टीएस सिंहदेव ने इस वजह से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मण्डाविया को दोबारा लिखा पत्र

भाजपा ने किया सवाल…

प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री बघेल से सवाल किया कि जब सरकार और प्रशासन पूरी तत्परता से कार्रवाई कर रहे थे, तो वह (श्री बघेल) अगले ही दिन कैमरा लेकर वहां क्यों पहुंच गए ? बघेल के साथ जो लोग वहां पहुंचे, वे वीडियो में अफीम चुराकर बेचने की बात करते सुने जा रहे हैं। यह वीडियो खुद कांग्रेस की वेबसाइट पर डाला गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कांग्रेस के लोगों की संलिप्तता का संदेह जाहिर किया और कहा कि विपक्ष तब शोर मचाता है, जब कार्रवाई न हो रही हो। यहां तो राज्य सरकार ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का वहां जमावड़ा सिर्फ ‘राजनीति चमकाने’ की कोशिश है या अपने करीबियों को बचाने का प्रयास ?

प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने आगे यह भी सवाल उठाया कि क्या श्री बघेल वहां इसलिए पहुंचे थे ताकि जांच की दिशा मोड़ी जा सके या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सके ? उन्होंने विश्वास जताया कि इस मामले की गहन जांच और मिलने वाले तथ्य से आगे सत्यता का खुलासा होगा। सरकार किसी भी स्तर पर छत्तीसगढ़ को अशांत करने वाले और नशा के किसी भी सौदागर को नही बख्शने वाली है, ऐसे लोगो पर कड़ी कार्रवाई होगी।

See also  झीरम हमले की 12वीं बरसी: सिंहदेव का बड़ा बयान- यह सुनियोजित राजनीतिक हमला था

कांग्रेस ने हमेशा अपराध करने वाले नेताओं को बचाया – अमित साहू

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित साहू ने भी सवाल उठाया कि किसी भाजपा नेता को ऐसे कृत्य करने की कोई छूट नही है। पार्टी ने आरोप लगते ही उक्त भाजपा नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन कांग्रेस ने कभी ऐसी हिम्मत नही दिखाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व मंत्री कवासी लखमा जेल में रहकर आ गए, विधायक देवेंद्र यादव, बालेश्वर पर कांग्रेस पार्टी ने क्या कार्रवाई की। इतना ही नही पूर्व मंत्री अमरजीत भगत पर आरोप लगे क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दर्जनों नेताओ से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए, कांग्रेस पार्टी ने क्या कार्रवाई की। प्रदेश की जनता सब समझ गई है, कि कांग्रेस ही अपराधों की जननी है। इसलिए कांग्रेस को भाजपा संगठन पर सवाल उठाने से पहले खुद से जवाब लेना चाहिए।

See also  कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 7 को पहुंचेगी महाराष्ट्र, पैदल चलने की प्रैक्टिस में जुटे कांग्रेसी नेता