टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। शुक्रवार, 20 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में देखा गया, जहां तेज आंधी के साथ गिरे ओलों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

अगले 24 घंटे भारी: आकाशीय बिजली और अंधड़ का खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में तेज अंधड़ (70-80 किमी/घंटा), बिजली गिरने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। आज भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में जगदलपुर, बकावंड और साकोला में करीब 1-1 सेमी बारिश दर्ज की गई है। इस बदलाव के बीच प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 36.4°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.1°C जगदलपुर में रिकॉर्ड किया गया।

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क्यों बदला मौसम? तीन सिस्टम कर रहे हैं काम

मैदानी सूत्रों और मौसम विज्ञानियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के ऊपर इस वक्त तीन बड़े मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसकी वजह से यह अस्थिरता बनी हुई है। 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक सिस्टम बना है जो समुद्र से नमी वाली हवाओं को खींच रहा है।मध्यप्रदेश से लेकर महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ तक एक द्रोणिका फैली है, जो छत्तीसगढ़ के पश्चिमी हिस्से में अस्थिरता पैदा कर रही है। आंध्र प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का एक चक्रवात (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जो बादलों को सक्रिय कर रहा है।

किसानों और आम जनता के लिए चेतावनी

दरअसल, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। रायपुर और आसपास के इलाकों में भी आज सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी है।

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