Ghatarani Waterfalls and Temple Gariyaband Chhattisgarh.

टीआरपी। छत्तीसगढ़ का गरियाबंद जिला वर्तमान में प्रकृति प्रेमियों और श्रद्धालुओं के लिए सबसे पसंदीदा केंद्र बन गया है, जहाँ विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग भूतेश्वरनाथ और जतमई-घटारानी जैसे मनमोहक झरने सैलानियों को लुभा रहे हैं। रायपुर से महज 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जिला आध्यात्मिक शांति और एडवेंचर का बेहतरीन मिश्रण पेश करता है।

गरियाबंद में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर वैश्विक मानचित्र पर उभर रही है। राजधानी के नजदीक होने के कारण यह ‘वीकेंड गेटवे’ के रूप में राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय परिवहन के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।

आस्था और प्रकृति का अनूठा संगम


गरियाबंद के ग्राम मरोदा में स्थित भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर अपनी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहाँ का प्राकृतिक शिवलिंग हर साल अपने आप बढ़ता है। घने जंगलों के बीच स्थित इस स्थान पर महाशिवरात्रि और सावन में लाखों भक्त पहुँचते हैं। वहीं, जतमई और घटारानी मंदिर के समीप बहते झरने मानसून के दौरान अपनी पूरी भव्यता पर होते हैं, जो पर्यटकों को ठंडी फुहारों और प्राकृतिक धुंध के बीच एक अलग ही दुनिया का एहसास कराते हैं।

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वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास: उदंती-सीतानदी


प्रकृति और वन्यजीवों में रुचि रखने वालों के लिए उदंती-सीतानदी अभयारण्य एक अनिवार्य गंतव्य है। यह अभयारण्य विशेष रूप से दुर्लभ जंगली भैंसों (वनभैंसा) के संरक्षण के लिए जाना जाता है। जैव विविधता से भरपूर यह क्षेत्र ट्रैकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

कैसे पहुँचें और क्या है खास?


रायपुर से अभनपुर और राजिम होते हुए गरियाबंद तक का सफर बेहद सुखद है। सड़क मार्ग से यहाँ 2 से 3 घंटे में पहुँचा जा सकता है। यहाँ न केवल धार्मिक दर्शन का लाभ मिलता है, बल्कि परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए भी बेहतरीन सुरक्षित स्थल उपलब्ध हैं।


दूरी: रायपुर से लगभग 80-90 किलोमीटर।

मुख्य आकर्षण: भूतेश्वरनाथ (प्राकृतिक शिवलिंग), जतमई-घटारानी (जलप्रपात), उदंती अभयारण्य।

बेहतरीन समय: जुलाई से मार्च (मानसून और शीत ऋतु)।

प्रशासन द्वारा इन पर्यटन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा विस्तार की योजना बनाई जा रही है, जिससे आने वाले समय में यहाँ पर्यटकों की संख्या में और भी अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है।

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रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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