खल्लारी मंदिर में रोप वे हादसा

टीआरपी। महासमुंद जिले के प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में 22 मार्च को हुए भीषण रोप-वे हादसे में रायपुर की एक युवती आयुषी धावरे की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासन की बड़ी लापरवाही को भी उजागर किया है। जांच में पता चला है कि जिस कोलकाता की कंपनी को इस रोप-वे के संचालन का जिम्मा दिया गया था, वह पहले से ही ब्लैकलिस्टेड (काली सूची में) है और उसके ट्रैक रिकॉर्ड में कई खूनी हादसे दर्ज हैं।

खल्लारी छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख आस्था केंद्र है जहाँ रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं। एक ऐसी कंपनी को ठेका देना जिसका इतिहास हादसों से भरा हो, श्रद्धालुओं की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। इस घटना के बाद अब प्रदेश के अन्य रोप-वे (डोंगरगढ़ आदि) की सुरक्षा ऑडिट की मांग तेज हो गई है।

कातिल कंपनी का पुराना ‘खूनी’ इतिहास


खल्लारी में रोप-वे का संचालन ‘रोप-वे एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता’ द्वारा किया जा रहा था। यह कंपनी अपनी लापरवाही के लिए कुख्यात रही है। इससे पहले भी इस कंपनी द्वारा बनाए गए और संचालित किए जा रहे रोप-वे में बड़े हादसे हो चुके हैं:

See also  मुख्यमंत्री बघेल ने किया सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का शुभारंभ, बोले '72 साल पुराना सपना हुआ साकार'

डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़): वर्ष 2016 में कंपनी की लापरवाही से बड़ा हादसा हुआ था।

बिहार: वर्ष 2021 में भी इसी कंपनी के प्रोजेक्ट में तकनीकी खामी के चलते यात्रियों की जान जोखिम में पड़ी थी।

इतने हादसों और ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद इस कंपनी को खल्लारी में संचालन की अनुमति कैसे मिली, यह अब जांच का सबसे बड़ा बिंदु है।

हादसे का मंजर: 16 श्रद्धालु हुए घायल


22 मार्च को हुए इस दर्दनाक हादसे में रायपुर की आयुषी धावरे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 16 अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तकनीकी खराबी के चलते केबिन अनियंत्रित हो गया था। घायलों का उपचार फिलहाल जारी है, लेकिन आयुषी की मौत ने प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है।


मृतक: आयुषी धावरे (निवासी रायपुर)।

हादसे की तारीख: 22 मार्च 2026।

घायलों की संख्या: 16 श्रद्धालु।

दोषी कंपनी: रोप-वे एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता (ब्लैकलिस्टेड)।

See also  CG Weather Alert : मौसम का बदला मिजाज, गर्मी से मिली राहत! कई जिलों में हो रही बारिश, विभाग ने जारी किया अलर्ट

पूर्व हादसे: डोंगरगढ़ (2016) और बिहार (2021)।

पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि दोषी कंपनी के अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और प्रशासन उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई करे जिन्होंने ब्लैकलिस्टेड कंपनी को अनुमति दी थी।