टीआरपी डेस्क। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद अब राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने इस मामले में बेहद तल्ख तेवर अपनाते हुए शिवराज सरकार के प्रशासन और परिवहन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे ‘सरकारी हत्या’ करार दिया है।

हादसा नहीं, यह तो हत्या है: कुणाल चौधरी का बड़ा हमला

कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने अपने बयान में सीधे तौर पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही बसें असल में बिना फिटनेस के चल रही हैं। हैरानी की बात यह है कि सरकारी सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए जनता को बिना फिटनेस वाली बसों में जानवरों की तरह ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा है। यह लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र द्वारा की गई सुनियोजित हत्या है।

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कलेक्टर और एमपी पर दर्ज हो हत्या का केस

कांग्रेस ने इस मामले में केवल जांच से संतुष्ट होने से इनकार कर दिया है। कुणाल चौधरी ने मांग की है कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को तुरंत पद छोड़ना चाहिए। जिले के कलेक्टर और क्षेत्रीय सांसद (MP) पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए, क्योंकि उनकी निगरानी में नियम ताक पर रखे गए। मृतक परिवारों के लिए ₹50-50 लाख के मुआवजे की मांग की गई है।

मुआवजे और जांच के खेल में बच जाते हैं अपराधी

गौरतलब है कि हर बड़े हादसे के बाद सरकार जांच और मुआवजे का ऐलान कर देती है। कांग्रेस का आरोप है कि यही ढर्रा सालों से चला आ रहा है, जिससे असली अपराधी और भ्रष्ट अधिकारी बच निकलते हैं। कुणाल चौधरी ने साफ कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मासूमों की जान ऐसे ही जाती रहेगी।

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जनता में भारी आक्रोश

बता दें कि छिंदवाड़ा और आसपास के इलाकों में इस हादसे को लेकर भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग की मिलीभगत से कंडोम बसें धड़ल्ले से सड़कों पर चल रही हैं और चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन गंभीर आरोपों पर क्या सफाई देती है।