बिलासपुर। बिलासपुर से उरगा के बीच बन रहे नेशनल हाईवे 130ए के निर्माण को लेकर बवाल खड़ा हो गया। जमीन के बदले कम मुआवजा मिलने से नाराज ग्रामीण सीधे निर्माण स्थल पर पहुंच गए और काम बंद करा दिया।
ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया जिससे मौके पर काम पूरी तरह ठप हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जैसे ही सड़क निर्माण रुकने की खबर प्रशासन तक पहुंची, तुरंत एसडीएम, तहसीलदार और तोरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाइश और बातचीत का दौर चला।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार होगा। इसके बाद धीरे-धीरे मामला शांत हुआ और काम दोबारा शुरू कराया गया। एसडीएम मनीष साहू ने कहा कि मुआवजे से जुड़ी दिक्कतों की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी जमीन मालिक के साथ अन्याय न हो।
मालूम हो कि बिलासपुर से उरगा के बीच करीब 70 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना का हिस्सा है।
करीब 1520 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस सड़क का मकसद इलाके में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को तेज करना है। लेकिन मुआवजे के विवाद बार-बार इस काम में रुकावट बन रहे हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब इस प्रोजेक्ट में विवाद हुआ हो। इससे पहले जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजे की गणना को लेकर बड़ी गड़बड़ी की शिकायतें आई थी। तब अधिकारियों ने जमीन का मुआवजा हेक्टेयर की जगह स्क्वायर फीट में तय कर दिया था, जिससे प्रोजेक्ट की लागत तीन गुना तक बढ़ गई थी। इस पर एनएचएआई कमिश्नर को कोर्ट में आपत्ति दर्ज करनी पड़ी थी और काम लंबे समय तक अटका रहा।



