CG Toll Plaza Rules 2026: नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे पर सफर करना अब पहले जैसा नहीं रहेगा। NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने प्रदेश के सभी टोल प्लाजा को पूरी तरह कैशलेस करने का बड़ा फैसला लिया है। अब अगर आप टोल पर नगद पैसे निकालने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए, क्योंकि वहां अब सिर्फ डिजिटल पेमेंट ही स्वीकार किया जाएगा।
दरअसल, छत्तीसगढ़ के सभी 26 टोल प्लाजा पर यह नया नियम लागू होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का मकसद टोल पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और पारदर्शिता लाना है।
फास्टैग नहीं तो UPI, लेकिन देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन गाड़ियों पर फास्टैग नहीं लगा है, उन्हें राहत तो मिलेगी लेकिन भारी कीमत पर। अब आप टोल पर UPI के माध्यम से पेमेंट कर सकेंगे, लेकिन कई रिपोर्ट्स दावा कर रही हैं कि UPI से भुगतान करने पर 25% अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। वहीं, अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं है, तो आपसे दोगुना (Double) टोल टैक्स वसूला जाएगा। गौरतलब है कि अब नया फास्टैग लेना भी महंगा हो गया है, जिसके लिए आपको अब ₹75 ज्यादा खर्च करने होंगे।
कम हो सकते हैं टोल नाके
बता दें कि NHAI के नियमों के मुताबिक 60 किमी के दायरे में सिर्फ एक टोल प्लाजा होना चाहिए। छत्तीसगढ़ में फिलहाल कई जगहों पर 25 से 30 किमी की दूरी पर ही टोल नाके मौजूद हैं। 1 अप्रैल से इन टोल प्लाजा की संख्या में भी फेरबदल देखने को मिल सकता है। रायपुर-दुर्ग और रायपुर-बिलासपुर जैसे व्यस्त रूटों पर चलने वालों के लिए यह बड़ी खबर है।
डिजिटल पेमेंट ही एकमात्र रास्ता
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि टोल बूथ पर अब कैश का लेन-देन इतिहास बन जाएगा। अगर आपके पास फास्टैग नहीं है और फोन में नेटवर्क की दिक्कत हुई, तो आपको खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धमतरी और महासमुंद रूट के टोल प्लाजा पर भी मशीनों को अपग्रेड करने का काम अंतिम चरण में है।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन ट्रक ड्राइवरों और स्थानीय लोगों पर पड़ेगा जो अब भी कैश पेमेंट पर निर्भर थे। UPI पर 25% एक्स्ट्रा चार्ज और फास्टैग महंगा होने से आम आदमी के सफर का बजट बिगड़ना तय है। हालांकि, इससे समय की बचत होगी, लेकिन शुरुआत में तकनीकी दिक्कतों के चलते टोल पर विवाद बढ़ने की भी आशंका है।



