टीआरपी डेस्क। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आगामी 14 अप्रैल 2026 को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। वैसे तो इस दिन को मेष संक्रांति के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है, लेकिन इस बार ग्रहों की चाल कुछ और ही इशारा कर रही है। दरअसल, ज्योतिषीय गणना के मुताबिक इस दिन सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से वैधृति योग का निर्माण हो रहा है, जिसे शास्त्रों में अत्यंत अशुभ माना गया है।
14 मई तक संभलकर रहने की जरूरत
बता दें कि यह खतरनाक योग 14 अप्रैल से शुरू होकर अगले एक महीने यानी 14 मई तक बना रहेगा। मैदानी सूत्रों और ज्योतिषियों की मानें तो यह योग अचानक होने वाली अनहोनी, बेवजह के विवाद और भारी आर्थिक नुकसान का कारक बनता है। इस दौरान खासतौर पर तीन राशियों को बहुत ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है।
इन 3 राशियों पर मंडरा रहा है खतरा
मेष राशि (Aries)
चूंकि सूर्य आपकी ही राशि में आ रहे हैं, इसलिए इस अशुभ योग का सबसे तीखा असर आप पर ही दिखेगा। कहीं भी पैसा निवेश करने की गलती न करें, धन हानि के साफ संकेत हैं। मानसिक तनाव और सिरदर्द जैसी दिक्कतें आपको परेशान कर सकती हैं। अपनी जुबान पर लगाम रखें, वरना अपनों से रिश्ते बिगड़ सकते हैं।
कर्क राशि (Cancer)
यह समय आपकी धैर्य की परीक्षा लेगा। भूलकर भी शॉर्टकट से पैसे कमाने की न सोचें। ऑफिस में सहकर्मियों से अनबन हो सकती है। गौरतलब है कि इस दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि चोट या दुर्घटना का योग बन रहा है।
धनु राशि (Sagittarius)
आपके लिए करियर और परिवार, दोनों मोर्चों पर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। प्रोफेशनल लाइफ में तालमेल बिठाना मुश्किल होगा। फिलहाल किसी भी नई योजना को टाल देना ही समझदारी है। माता-पिता के साथ मतभेद आपकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
कैसे बचें इस अशुभ प्रभाव से?
अगर आपकी राशि भी इस लिस्ट में है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में इस नकारात्मक ऊर्जा को कम करने के कुछ सरल उपाय बताए गए हैं:
महादेव की शरण: मंदिर जाकर शिवलिंग पर दूध या गंगाजल से अभिषेक करें।
मंत्र शक्ति: रोजाना ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
बजरंगबली का साथ: 14 अप्रैल को मंगलवार है, इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करना आपके लिए ढाल का काम करेगा।
शांति के लिए: मानसिक सुकून के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहेगा।



