रायपुर। राजधानी के दीनदयाल ऑडिटोरियम में प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस मौके पर शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए तमाम दिशा-निर्देश दिए।

इस बैठक में राज्यभर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्य शामिल हुए। बैठक में न‌ए शैक्षणिक सत्र के लिए बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार का लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।

प्राचार्यों को कम से कम एक पीरियड पढ़ाना होगा

मंत्री यादव ने प्राचार्यों से कहा कि प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों को कम से कम एक कक्षा (पीरियड)लेने कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही।

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शिक्षा मंत्री ने 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक के. कुमार, उपसंचालक ए.एन. बंजारा, डीईओ हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्य उपस्थित रहे।