Women Reservation Amendment Bill: विशेष संवाददाता/ नई दिल्ली। लोकसभा में आज एनडीए सरकार ने महिला आरक्षण संशोधन बिल पेश किया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में बिल पेश किया। चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की ओर चर्चा में हिस्सा लिया। लेकिन दिनभर चली चर्चा में महिला आरक्षण पर कम और लोकसभा सीटों के प्रस्तावित विस्तार और परिसीमन को लेकर सवाल उठते रहे।
Women Reservation Amendment Bill: लंबे समय के बाद सदन में ऐसा नजारा
कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और द्रुमक और टीएमसी सांसदों ने विपक्ष की ओर चर्चा में हिस्सा लिया। हर चर्चा में महिला आरक्षण से शुरु हुई बात, लोकसभा सीटों के प्रस्तावित विस्तार और परिसीमन पर आकर अटक गई। आज की चर्चा में एक बात बदली नजर आई कि इतने गंभीर मुद्दे पर आरोप.प्रत्यारोप के बीच ठहाके भी लगे, लंबे समय के बाद सदन में ऐसा नजारा देखने को मिला।
Women Reservation Amendment Bill: सरकार का तर्क है कि बढ़ती आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व बढ़ाना लोकतांत्रिक आवश्यकता है। मौजूदा व्यवस्था में कई क्षेत्रों में सांसदों पर अत्यधिक जनसंख्या का बोझ है, जिससे स्थानीय मुद्दों का प्रभावी समाधान प्रभावित होता है। सरकार का कहना है कि नए परिसीमन से देश के हर हिस्से को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा और लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा।
Women Reservation Amendment Bill: दक्षिण भारत का डर
हालांकि, विपक्ष की ओर से महिला आरक्षण को लेकर विरोध नहीं दिखा मगर भारतीय जनता पार्टी की इस पहल को विपक्षी दल राजनीतिक लाभ से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि यदि परिसीमन पूरी तरह जनसंख्या आधारित होता है, तो उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्यों जहां जनसंख्या वृद्धि दर अधिक रही है उसे अधिक सीटें मिलेंगी। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे उनकी सीटों का अनुपात कम हो सकता है।
Women Reservation Amendment Bill: विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया संघीय ढांचे के संतुलन को कमजोर कर सकती है। उनका तर्क है कि संसद में प्रतिनिधित्व केवल जनसंख्या के आधार पर तय करना उन राज्यों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान दिया है। दक्षिणी राज्यों के नेताओं का यह भी कहना है कि इससे उनकी राजनीतिक आवाज कमजोर पड़ सकती है।
Women Reservation Amendment Bill: हालांकि, गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके बाद लोकसभा सीटों की कुल संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है, जिससे सीटों की संख्या करीब 850 तक पहुंच सकती है। अब इस मुद्दे पर शुक्रवार शाम 4 बजे वोटिंग होना है। देखना होगा कि इस मामले में विपक्ष का स्टैंड क्या रहेगा और एनडीए नंबर गेम में कहां तक विपक्ष को पटकनी देने में सफल हो पाएगा।
Women Reservation Amendment Bill: दिनभर की बहस..पल पल बदलते समीकरण
सरकार का पक्ष: लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व बढ़ाना जरूरी, बढ़ती आबादी के अनुसार सीटें बढ़नी चाहिए।
विपक्ष का पक्ष: जनसंख्या आधारित परिसीमन से क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा।
दक्षिण बनाम उत्तर का मुद्दा बहस के केंद्र में रहा।
संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों को लेकर तीखी चर्चा हुई।
संभावित समाधान के तौर पर मिश्रित फॉर्मूला (जनसंख्या + अन्य मानदंड) की बात भी सामने आई।



