रायपुर। राजधानी रायपुर में बैंक से आसान लोन दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से साढ़े सत्ताइस लाख रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। शातिर एजेंटों ने पहले पीड़ित को झांसे में लेकर उसके जरूरी दस्तावेज हासिल किए और फिर उसकी जानकारी के बिना ही अलग-अलग बैंकों से भारी-भरकम लोन की राशि निकाल ली। पंडरी पुलिस ने इस जालसाजी की शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

किस्त जमा करने का नोटिस आया तब खुला राज

पुलिस की जांच में सामने आया कि, आरोपी जीतेश कुमार चंद्राकर और होरी लाल ने पीड़ित कृष्णा राव को कम समय में लोन दिलाने का भरोसा दिलाने के साथ प्रक्रिया के नाम पर पांच हजार रुपए भी वसूले थे। आरोपियों ने जुलाई से अगस्त 2025 के बीच दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के नाम पर कुल 27.50 लाख रुपए के कई लोन स्वीकृत करा लिए।

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इस पूरी धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित के घर बैंकों से किस्तों के भुगतान के नोटिस पहुंचने शुरू हुए और वह यह देखकर दंग रह गया कि उसने जो लोन कभी लिया ही नहीं उसकी वसूली के लिए बैंक दबाव बना रहे हैं।

गिरोह की तलाश में जुटी रायपुर पुलिस

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस साजिश में बैंक के अंदरूनी सूत्रों की मिलीभगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि बिना सत्यापन के इतनी बड़ी राशि का लोन आवंटित होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और पुलिस ने नागरिकों को अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज अनजान व्यक्तियों को सौंपने से बचने की चेतावनी दी है।

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