मिर्जापुर। मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी (NH-135) पर बुधवार की काली रात ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। बता दें कि घाटी उतरते वक्त एक चने से लदे ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिसके बाद उसने आगे चल रही बोलेरो और कार को ऐसी टक्कर मारी कि बोलेरो देखते ही देखते आग का गोला बन गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए, जबकि कुल 11 लोगों की जान चली गई है।

चीख-पुकार के बीच धू-धू कर जली गाड़ी

दरअसल, टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मैदानी सूत्रों ने बताया कि बोलेरो में लगी आग इतनी विकराल थी कि स्थानीय लोग पास जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे थे। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि एक कार तो दो ट्रकों के बीच दबकर लोहे के ढेर में तब्दील हो गई। हादसे में कार चालक और ट्रक के खलासी ने भी दम तोड़ दिया है।

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एक ही गांव के 7 बुझे चिराग

गौरतलब है कि इस हादसे ने मिर्जापुर के जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव में मातम फैला दिया है। मृतकों में एक ही गांव के 7 लोग शामिल थे, जिनमें मासूम बच्चे भी थे। 8 साल के शिवा और 9 साल की सोनम की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। पंकज सिंह (40), वंदना (43), विष्णु (45) और वीना सिंह (47) समेत परिवार के कई सदस्य इस काल के गाल में समा गए। इसके अलावा सतना, सागर और सोनभद्र के रहने वाले लोगों ने भी इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाई है।

सीएम योगी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक जताया है। उन्होंने प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। जिला मजिस्ट्रेट पवन गंगवार ने पुष्टि की है कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

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जांच में जुटी पुलिस, यातायात बहाल

प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ट्रक में कोई तकनीकी खराबी थी या ओवरलोडिंग की वजह से यह हादसा हुआ। फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर हाईवे का रास्ता साफ कर दिया गया है। शुरुआती जांच में बिहार और मध्य प्रदेश के नंबर वाले ट्रकों की संलिप्तता सामने आई है। घाटी में अक्सर होने वाले इन हादसों ने अब प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।