रायपुर। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने प्रदेश में दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब जांच समिति गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी ताजा आदेश में साफ कहा गया है कि हाईवे और अन्य सड़कों पर बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विभाग ने यह कदम पिछले दो वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए उठाया है ताकि सड़क सुरक्षा नियमों का जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
शोरूम मालिकों और अफसरों पर सीधा वार परिवहन विभाग के इस नए फरमान के बाद अब ऑटोमोबाइल शोरूम से बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन की डिलीवरी देना भारी पड़ेगा।
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मोटरयान अधिनियम की धाराओं के तहत बिना हेलमेट वाहन बेचने और चलाने वालों पर तत्काल सख्त एक्शन लिया जाए। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो अधिकारी पूर्व में जारी निर्देशों का पालन कराने में कोताही बरत रहे हैं उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कमेटी बनाई जा रही है।
अब न केवल चालक बल्कि पीछे बैठी सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा और इसका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना वसूलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी परिवहन अधिकारियों को सौंपी गई है।



