नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बीच सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए बड़ा दांव खेल दिया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि अगर 4 मई को नतीजे ममता बनर्जी के पक्ष में आते हैं, तो पीएम मोदी को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

अब डेरेक ओ’ब्रायन ने पूछा- क्या चुनौती स्वीकार है?

बता दें कि टीएमसी के दिग्गज नेता डेरेक ओ ब्रायन ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी ने खुद को बंगाल की सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार बताया था। डेरेक ओ ब्रायन ने सवालिया लहजे में कहा कि, अगर आप में दम है तो चुनौती स्वीकार करें। अगर 4 मई को बंगाल में तृणमूल की फिर से सरकार बनती है, तो क्या आप प्रधानमंत्री पद छोड़ देंगे? बड़ी-बड़ी बातें छोड़िए और सीधा जवाब दीजिए।

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पीएम मोदी की अपील: नवनिर्माण के लिए करें रिकॉर्ड मतदान

गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह सोशल मीडिया के जरिए बंगाल की जनता से खास अपील की। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं से घरों से बाहर निकलकर वोट डालने का आग्रह किया। लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान करें। यह भारतवर्ष के नवनिर्माण और एक समर्थ राष्ट्र की नींव मजबूत करने के लिए जरूरी है। पीएम ने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह इस लोकतांत्रिक उत्सव में अपनी भागीदारी निभाए।

चुनावी माहौल में इस्तीफे की एंट्री

दरअसल, बंगाल के इस चुनाव को बीजेपी ने सीधे तौर पर मोदी बनाम ममता बना दिया है। यही वजह है कि अब टीएमसी इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बताते हुए प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से घेर रही है। टीएमसी का यह बयान वोटरों को ध्रुवीकृत करने और स्थानीय अस्मिता (Bengali Pride) को जगाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

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4 मई को आने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि बंगाल की जनता ने दीदी पर भरोसा जताया है या मोदी की गारंटी पर, लेकिन फिलहाल इस ‘इस्तीफे वाले चैलेंज’ ने चुनावी शोर को और तेज कर दिया है।