टीआरपी डेस्क। अगर आप भी मोबाइल पर दिनभर लूडो, फैंटेसी क्रिकेट या कोई भी ऑनलाइन गेम खेलते हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। 1 मई 2026 से पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी ऑनलाइन गेमिंग के नियम पूरी तरह बदल चुके हैं।
अब प्रशासन ने ऐसी कमर कसी है कि आपकी एक छोटी सी गलती आपको सीधे इनकम टैक्स के रडार पर ले आएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस अब उन एप्स की लिस्ट तैयार कर रही है जो ‘मनी गेम’ की आड़ में सट्टेबाजी करवा रहे हैं।
गेमिंग अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, कानूनी जाल है
नए नियमों के तहत अब गेम्स को तीन कड़े हिस्सों में बांट दिया गया है। अगर आप किसी भी ऐसे गेम में पैसा लगा रहे हैं जहाँ बदले में पैसा मिलने की उम्मीद है, तो समझ लीजिए आप खतरे की घंटी बजा रहे हैं।
ऑनलाइन मनी गेम यह सबसे खतरनाक कैटेगरी है। इसमें कैश के साथ-साथ टोकन या वर्चुअल कॉइन भी शामिल हैं। सरकार ने इसे लगभग प्रतिबंधित की श्रेणी में रखा है। ई-स्पोर्ट्स पूरी तरह स्किल यानी हुनर पर आधारित है, लेकिन यहां भी टैक्स से पीछा नहीं छूटेगा। यह सबसे सुरक्षित है, जैसे साधारण लूडो या पजल, जहां पैसे का कोई लेनदेन नहीं होता।
जेब कटेगी और कार्रवाई भी होगी: 30% टैक्स का फंदा
देखें क्या है असली मामला पहले लोग जीत के बाद टैक्स की सोचते थे, पर अब बाजी पलट गई है। नए कानून के अनुसार, मनी गेमिंग से होने वाली कमाई पर सीधा 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। इसमें सबसे बड़ा पेंच यह है कि अगर आप हारते हैं, तो उस घाटे को मुनाफे से सेट ऑफ नहीं कर पाएंगे। रायपुर के स्थानीय टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपने अपनी गेमिंग इनकम छुपाई, तो पेनाल्टी आपकी कुल कमाई से भी ज्यादा हो सकती है।
महादेव ऐप जैसा हाल न हो जाए
वहीं छत्तीसगढ़ के दुर्ग और भिलाई जैसे इलाकों में पिछले कुछ समय में ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े सिंडिकेट पकड़े गए हैं। इसी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अब नए ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026 को सख्ती से लागू कर रहा है।
अगली बार गेम डाउनलोड करने से पहले ये चेक करें
- क्या गेम में एंट्री के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं?
- क्या इनाम के तौर पर कैश या डिजिटल करेंसी का वादा है?
- क्या ऐप भारत सरकार की नई ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी से रजिस्टर्ड है?
इन सवालों के जवाब हा हैं, तो संभल जाइए। बिना पैसे वाले सोशल गेम ही अब सबसे सुरक्षित विकल्प बचे हैं।


