कोरबा। जिलाधीश कार्यालय, कोरबा में DMF की होने जा रही बैठक के ठीक पहले जिला पंचायत परिसर में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद सामने आया है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने जिला पंचायत CEO दिनेश कुमार नाग पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाते हुए जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।इस धरने में कई जिला पंचायत सदस्य भी शामिल हुए और CEO के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

दरअसल मामला उस समय गरमा गया जब जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) की बैठक से पहले पंचायत प्रतिनिधियों को CEO से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मीडिया से चर्चा में जिला पंचायत अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा है और DMF मद से विकास कार्यों की स्वीकृति में लगातार बाधा डाली जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत सदस्यों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

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पवन सिंह ने बताया कि आज DMF की शासी परिषद की बैठक के मद्देनजर उन्होंने CEO दिनेश नाग से कहा कि समस्त जिला पंचायत सदस्यों के कुछ कार्यों के प्रस्ताव हैं जिस पर चर्चा के लिए वे आ जाएं। इसके बाद अध्यक्ष और सदस्यों ने 3 घंटे तक इंतजार किया मगर CEO नहीं आए। इससे नाराज अध्यक्ष ने कार्यालय के गेट पर धरना दे दिया। उनके साथ ही सारे सदस्य भी धरने पर बैठ गए।

CEO पर लगाए गंभीर आरोप

धरने के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने विकास कार्यों में कमीशनखोरी के गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि अधिकारियों द्वारा “ऊपर तक पैसा पहुंचाने” के नाम पर ठेकेदारों और पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर CEO के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो जिला पंचायत कार्यालय में ताला जड़ दिया जाएगा।

DMF की बैठक के बाद मिले मंत्री देवांगन

इधर जिला पंचायत में धरना हुआ और उधर कलेक्ट्रेट के सभागृह में DMF की शासी परिषद की बैठक हुई। जिसके बाद मंत्री लखन देवांगन को मीडिया से धरने के बारे में पता चला। इसके बाद वे जिला पंचायत गए और अध्यक्ष तथा सदस्यों से मुलाकात की। इनसे चर्चा के बाद लखन देवांगन ने बताया कि इनकी जो भी नाराजगी है उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। रही भ्रष्टाचार की शिकायत तो उसके कोई ठोस सबूत नहीं हैं। फिर भी संबंधित शिकायत को देख जाएगा। हालांकि मंत्री के जिला पंचायत पहुंचने के बाद भी सीईओ दिनेश नाग उनसे मिलने नहीं पहुंचे जिसकी प्रशासनिक और राजनीतिक हल्के में काफी चर्चा है। इस तरह फिलहाल मंत्री ने मामले का पटाक्षेप कर दिया है मगर जिला पंचायत सदस्यों की नाराजगी बरकरार है।

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