रायपुर। राजधानी के पास ग्राम थनौद की करीब 200 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों से हड़पने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अभनपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम थनौद, तहसील गोबरा नवापारा के खसरा नंबर 1243/1, 1242/1, 1244/1, 1159/1, 1163/1, 1162/1 और 1162/2 की कुल 200 एकड़ भूमि राजस्व रिकॉर्ड में केशव अवस्थी के नाम दर्ज थी। आरोप है कि 2023 में इस जमीन को हड़पने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया।

कैसे दिया फर्जीवाड़े को अंजाम?

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मिर्जा परवेज ने अब्दुल नईम, आरिफ अली और रोमेश पाण्डेय के साथ मिलकर योजना बनाई। आरोपियों ने केशव अवस्थी की जगह किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा किया। उसका फर्जी फोटो, कूटरचित हस्ताक्षर और नकली अंगूठा निशानी लगाकर फर्जी मुख्तियारनामा तैयार किया गया।

दो दिन में कराई रजिस्ट्री

19 अक्टूबर 2023 को मिर्जा परवेज ने जमीन का एक हिस्सा अब्दुल नईम के नाम पंजीकृत कराया। अगले ही दिन 20 अक्टूबर 2023 को उसी जमीन का दूसरा हिस्सा अपने नाम दर्ज करवा लिया। दोनों रजिस्ट्री में फर्जी दस्तावेज और नकली पहचान का इस्तेमाल हुआ।

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आधार कार्ड समेत दस्तावेज जब्त

पुलिस ने आरोपियों के बयान दर्ज कर मुख्तियारनामा में लगे आधार कार्ड समेत कई पहचान संबंधी दस्तावेज जब्त किए। पर्याप्त सबूत मिलने पर अभनपुर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 470, 471 एवं 34 के तहत केस दर्ज किया।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में वसीम हुसैन (33), निवासी मदीना चौक संजय नगर रायपुर; मोहम्मद खलील (28), निवासी हाजी गली संजय नगर रायपुर; अब्दुल नईम (53), निवासी संजय नगर रायपुर; और मिर्जा परवेज, निवासी गोसिया चौक संजय नगर रायपुर शामिल हैं।