रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता और मजदूरों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के श्रम विभाग ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अपनी सभी प्रमुख सेवाओं को अधिसूचित कर दिया है। अब विभाग की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि हर काम के लिए अब दिन तय कर दिए गए हैं।

दरअसल, छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 की धाराओं का प्रयोग करते हुए श्रम विभाग ने मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर) से यह कड़क आदेश जारी किया है। गौरतलब है कि अब तक विभाग की कई सेवाओं के लिए लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता था। मैदानी सूत्रों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत न सिर्फ काम पूरा करने की समय-सीमा (कार्य दिवस) तय की गई है, बल्कि जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।

इन तीन स्तरों पर तय हुई जिम्मेदारी

प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए विभाग ने तीन प्रमुख पदों को साफ तौर पर नियुक्त किया है:

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पदाभिहित अधिकारी (Designated Officer): यह वह अधिकारी होगा जिसके पास आप अपना आवेदन जमा करेंगे और जो तय समय के भीतर आपका काम पूरा करने के लिए सीधे जिम्मेदार होगा।

सक्षम अधिकारी (Competent Authority): अगर तय समय में आपका काम नहीं होता है, तो आप इस अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

अपीलीय प्राधिकारी (Appellate Authority): सबसे बड़ा फैसला लेने का अधिकार इनके पास होगा। अगर निचले स्तर पर सुनवाई नहीं होती, तो अपीलीय प्राधिकारी दोषी अधिकारी पर सीधे कार्रवाई या जुर्माना तय कर सकते हैं।

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