रायपुर। बिलासपुर में NEET पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे कांग्रेस और NSUI नेताओं पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव और NSUI के बड़े नेताओं पर सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज कर ली गई है। इस कार्रवाई के बाद से ही शहर की राजनीति गरमा गई है।
तोखन साहू के बंगले के पास बढ़ा तनाव
यह पूरा मामला 3 जून का बताया जा रहा है। NEET परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता बिलासपुर में इकट्ठा हुए थे। इनका प्लान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के बंगले का घेराव करने का था। जैसे ही प्रदर्शनकारी नेहरू चौक से आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई।
कलेक्ट्रेट के सामने लगा लंबा जाम
जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बंगले की तरफ जाने से रोका, तो वे कलेक्ट्रेट रोड की तरफ मुड़ गए। सूत्रों के मुताबिक, कलेक्ट्रेट के सामने कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। इस वजह से कलेक्ट्रेट मार्ग पर घंटों गाड़ियों के पहिये थमे रहे। राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी।
पुलिस ने लगाईं बलवा समेत ये धाराएं
पुलिस का साफ कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी अनुमति के रास्ता रोका और शहर की शांति व्यवस्था को प्रभावित किया। इसी वजह से पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय और जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा समेत कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने इन नेताओं पर नई कानूनी संहिता (BNS) के तहत ये धाराएं लगाई हैं
- धारा 126(2): गलत तरीके से रास्ता रोकना
- धारा 190 और 191(2): गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना और बलवा की स्थिति बनाना
- धारा 292 और 293: लोक व्यवस्था में बाधा डालना
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस खेमे में भारी नाराजगी है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि वे छात्रों के हक की लड़ाई लड़ रहे थे और पुलिस की यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। आने वाले दिनों में बिलासपुर और भिलाई में इसे लेकर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल सकता है।



