बस्तर में आरओबी निर्माण में देरी पर ठेकेदार को नोटिस

टीआरपी। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने बस्तर जिले में रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की धीमी प्रगति को लेकर निर्माण एजेंसी को कड़ा नोटिस जारी किया है। डिप्टी सीएम द्वारा 6 जून 2026 को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान काम में लेट-लतीफी पाए जाने के बाद यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

यह रेलवे ओवरब्रिज केशलूर-जगदलपुर मार्ग पर बन रहा है, जो बस्तर संभाग की कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। निर्माण में देरी से स्थानीय जनता और परिवहन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए सरकार का यह कड़ा रुख प्रोजेक्ट को जल्द पूरा कराने में मददगार साबित होगा।

निरीक्षण के दौरान जताई थी नाराजगी, अधिकारियों को भी लगी फटकार


डिप्टी सीएम अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज की प्रगति देखी थी। अनुबंध के अनुसार कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और साइट पर सुस्त रवैये को देखकर उन्होंने ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी।

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लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पर्याप्त साइट उपलब्ध होने के बावजूद मैन-पॉवर, मटेरियल और मशीनरी की खराब व्यवस्था के कारण तय समय सीमा में काम पूरा नहीं हो सका है। बार-बार चेतावनी के बाद भी गति असंतोषजनक पाई गई है।

प्रोजेक्ट की कुल लागत: बस्तर जिले के केशलूर के पास बन रहे इस ओवरब्रिज की कुल लागत 69 करोड़ 36 लाख रुपए है।

निरीक्षण की तारीख: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 6 जून 2026 को कार्यस्थल का जमीनी निरीक्षण किया था।

नोटिस का आधार: मैन-पॉवर, मशीनरी और सामग्री की कमी के कारण तय माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) को हासिल न कर पाना।

विभाग ने ठेकेदार को तुरंत पर्याप्त संसाधन जुटाकर काम की गति बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं। यदि निर्धारित समय में काम की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं पाया गया, तो विभाग द्वारा अनुबंध की शर्तों के तहत निर्माण एजेंसी के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग या भारी आर्थिक दंड जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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