रायपुर। सरकारी जमीन पर कब्जा और बिना अनुमति प्लाटिंग करने वाले दो बिल्डरों पर आज बड़ी कार्रवाई हुई। हाउसिंग बोर्ड और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण तोड़ दिए।
सेजबहार में 4 एकड़ जमीन पर कब्जा
रायपुर के सेजबहार में एक बिल्डर ने हाउसिंग बोर्ड के अफसरों से सांठगांठ कर 4 एकड़ जमीन दबा ली थी। अपनी प्राइवेट कॉलोनी के लिए रास्ता बनाने के चक्कर में बोर्ड के स्वीकृत 79 LIG मकान भी नहीं बनने दिए।
हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर IAS अवनीश शरण ने इस मामले की जांच कराई। सीमांकन में अतिक्रमण की पुष्टि हुई। आज कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में टीम ने अनधिकृत सड़क हटाकर जमीन कब्जे में ली।

1435 में से 79 मकान गायब
दीनदयाल आवास योजना के तहत 2006 में सेजबहार और दतरेंगा की 21.538 हेक्टेयर जमीन बोर्ड को मिली थी। यहां 1435 LIG मकान बनने थे। मगर 1327 ही बने। 39 मकान लेआउट से अलग बनाए गए। भूमि विवाद के कारण भवन क्रमांक 1287 से 1345 और 1412 से 1431 तक के 79 मकान नहीं बन सके।
बोर्ड ने बताया कि यह 18 हेक्टेयर जमीन महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है। यहां भविष्य में नई आवासीय परियोजना बनेगी।
दुर्ग के अमलीडीह में 67 एकड़ अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
दूसरी कार्रवाई दुर्ग जिले के अमलीडीह, पाटन तहसील में हुई। दयमंती इंफ्रास्ट्रक्चर डंगनिया ने 5 एकड़ का कमर्शियल डायवर्सन कराया था। मगर उसके पीछे 27 हेक्टेयर यानी 67 एकड़ में बिना डायवर्सन और रेरा अनुमति के प्लाटिंग कर बिक्री शुरू कर दी। T&CP ने जांच के बाद आज बुलडोजर से बाउंड्री और निर्माण तोड़ दिया।



