मुंबई। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को दबाव में नजर आया। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बाजार में भारी बिकवाली के बावजूद निफ्टी 24 हजार के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 607 अंकों की गिरावट के साथ 76,802 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 155 अंक फिसलकर 24,013 पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में बाजार पर दबाव साफ दिखाई दिया और अधिकांश बड़े शेयर लाल निशान में बंद हुए।

बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण आईटी सेक्टर में हुई भारी बिकवाली को माना जा रहा है। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और निवेशकों की सतर्कता ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली का रास्ता चुना, जिससे बाजार की रफ्तार अचानक थम गई।

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बैंकिंग, फाइनेंस, रियल एस्टेट और कंजम्पशन सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। प्रमुख निजी बैंक और ऑटो शेयरों में गिरावट ने बाजार के दबाव को और बढ़ा दिया। एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में लगभग दो प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि बाजार के लिए पूरी तस्वीर निराशाजनक नहीं रही। फार्मा, हेल्थकेयर और मीडिया सेक्टर के शेयरों ने मजबूती दिखाई। इन क्षेत्रों में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि अनिश्चितता के माहौल में निवेशक अब ऐसे क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं जिन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।