रायपुर। जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता संघ की प्रबंधकारिणी ने एक फर्जी वकील को पकड़ा। जांच में पता चला कि आरोपी अपना असली नाम छुपाकर हरीश डहरिया बनकर घूम रहा था। असली नाम मनीष कुर्रे है। उसे सिविल लाइन्स पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
संदेह पर हुई जांच, खुली पोल
संघ अध्यक्ष दिनेश देवांगन और सचिव राकेश पुरी ने बताया कि संदेह होने पर युवक से दस्तावेज मांगे गए। विजिटिंग कार्ड और व्हाट्सएप DP में वह खुद को वकील बता रहा था।
आधार कार्ड में उसकी उम्र 20 साल निकली। पूछताछ में उसने खुद को BA, BCom, LLB और LLM डिग्रीधारी बताया। इतनी कम उम्र में इतनी डिग्रियां सुनकर संघ पदाधिकारियों का शक और गहरा गया।
जमानत के नाम पर वसूले 10 हजार
जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक पक्षकार से जमानत कराने के नाम पर 10 हजार रुपये लिए थे। खुद को वकील बताकर उसने पैसे वसूले। पूछताछ में मनीष कुर्रे ने कबूल किया कि उसके साथ 5 और लोग हैं जो इसी तरह की गतिविधियों में शामिल हैं।
दिल्ली की तर्ज पर चल रहा फर्जीवाड़ा
अधिवक्ता संघ का कहना है कि दिल्ली की तर्ज पर बाहर से फर्जी डिग्री लेकर कई फर्जी वकील रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के अलग-अलग कोर्ट में घूम रहे हैं। ये लोग पक्षकार की मदद के बहाने हफ्ता वसूली करते हैं। फिलहाल सिविल लाइन्स पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसके बताए 5 साथियों की भी तलाश शुरू हो गई है।



