टीआरपी। पटना के कर्पूरी सभागार में आयोजित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद की महाबैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया है। इसके साथ ही संगठन में निरंतरता बनाए रखते हुए उमेश कुशवाहा को एक बार फिर से बिहार प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपने पर मुहर लगा दी गई है।
यह बैठक बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जदयू की पहली सबसे बड़ी संगठनात्मक गतिविधि है, जो राज्य की भावी राजनीतिक दिशा तय करेगी। बैठक में निशांत कुमार की सक्रिय मौजूदगी और उन्हें ‘पार्टी का भविष्य’ बताए जाने से साफ है कि जदयू अब नए नेतृत्व और पीढ़ीगत बदलाव की ओर कदम बढ़ा रही है, जिसका सीधा असर बिहार की राजनीति पर पड़ेगा।
नीतीश कुमार संभालेंगे कमान, जल्द शुरू होगी बिहार यात्रा
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर औपचारिक मुहर लगने के बाद पार्टी नेताओं ने उनके विकास मॉडल पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी और मंत्री लेशी सिंह ने बताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी और अधिक मजबूत होगी। संगठन को धार देने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने के लिए नीतीश कुमार जल्द ही पूरे राज्य में ‘बिहार यात्रा’ पर निकलेंगे।
इस बैठक की सबसे बड़ी चर्चा निशांत कुमार को लेकर रही, जिनकी सक्रियता को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भविष्य के संकेत के रूप में देखा है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बताया कि विधानसभा चुनाव में जदयू ने 101 सीटों पर चुनाव लड़कर 85 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, जो प्रतिशत के मामले में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस बड़ी जीत के बाद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और मोकामा विधायक अनंत सिंह सहित देश भर से आए प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।
राष्ट्रीय अध्यक्ष: नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष: उमेश कुशवाहा को दोबारा बिहार जदयू की कमान सौंपी गई।
चुनाव प्रदर्शन: विधानसभा चुनाव में जदयू ने 101 सीटों में से 85 सीटों पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी।
आगामी रणनीति: संगठन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री जल्द ही बिहार यात्रा पर निकलेंगे।
राष्ट्रीय और राज्य परिषद से हरी झंडी मिलने के बाद अब पार्टी नए सिरे से जिला और बूथ स्तर पर संगठन का पुनर्गठन करेगी। नीतीश कुमार की आगामी बिहार यात्रा के रूट और कार्यक्रमों की घोषणा जल्द ही प्रदेश कार्यालय द्वारा की जाएगी, जिससे राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की उम्मीद है।



