तिल्दा-नेवरा। प्लांट के लिए फर्जी NOC बांटने के आरोपों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का तिल्दा थाने के बाहर शुरू हुआ धरना प्रशासन के FIR दर्ज करने के आश्वासन के बाद खत्म हो गया। बघेल ने साफ कहा था कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, वे थाने से नहीं हटेंगे।

क्या है पूरा मामला

दरअसल तिल्दा के ग्राम अल्दा और देवरी गांव में एक उद्योग और संयंत्र के लिए नियमों को दरकिनार कर फर्जी NOC जारी करने का आरोप है। इसे लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिल्दा थाना परिसर में शांतिपूर्ण घेराव कर धरना दिया।

“FIR नहीं तो नहीं हटेंगे”: भूपेश बघेल

धरने के दौरान भूपेश बघेल ने दो टूक कहा, “हमारी मांग साफ है- इस पूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच हो और जितने भी लोग शामिल हैं, उन पर तुरंत कानूनी कार्रवाई हो। जब तक भ्रष्टाचारियों के खिलाफ FIR नहीं होती, हम यहां से नहीं हिलेंगे।”

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प्रशासन झुका, दर्ज हुई FIR

लगभग चार घंटे तक चले धरने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। शाम को पुलिस ने ग्राम अल्दा से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। वहीं ग्राम देवरी के मामले में जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद दो दिनों के भीतर FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद भूपेश बघेल ने धरना खत्म करने का ऐलान किया।

धरने में शामिल रहे ये नेता

धरना-प्रदर्शन में महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या रही। इस दौरान पूर्व पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व रायपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उद्यो राम वर्मा, जनकराम वर्मा, तुकाराम चंद्रवंशी, सनी अग्रवाल, विनोद तिवारी, भाटापारा विधायक इंद्र साव, पूर्व सिंधी अकादमी अध्यक्ष राम गिड़लानी, अजितेश शर्मा, बलदाऊ साहू, नीरज राठी, ओम ठाकुर, योगेंद्र साहू, अनिल सिंह, योगेंद्र पटेल समेत अल्दा, देवरी और आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।