रायपुर। कांग्रेस ने अब अपना पूरा फोकस सीधे गांवों की चौपाल पर शिफ्ट कर दिया है। रायपुर के अभनपुर और कुरूद विधानसभा क्षेत्र के गांवों में इन दिनों कुछ अलग ही हलचल है। पार्टी के नए जिला अध्यक्ष अब दफ्तरों में नहीं, बल्कि गांव वालों के घरों में रात गुजार रहे हैं।

बता दें कि 20 जून से रायपुर में चल रहे जिला अध्यक्षों के ट्रेनिंग कैंप के बाद अब उन्हें फील्ड ट्रेनिंग पर भेज दिया गया है।

अभनपुर के नवागांव, कोलियरी, घोंट-सोंठ और थानौद जैसे गांवों में मंगलवार की शाम को ही 20 जिला अध्यक्षों की टीमें पहुंच गई थीं। उन्होंने आम ग्रामीणों के घरों में रात्रि विश्राम किया। इनका मकसद साफ है किताबी ट्रेनिंग के बजाय सीधे जनता के बीच जाकर समस्याओं को समझना।

बुधवार की सुबह होते ही ये नेता गांवों के चौक-चौराहों पर नजर आए। चाय के ठेले-गुमटियों पर कांग्रेस के कार्यकर्ता ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के काम-काज पर राय लेते नजर आए।

See also  Naxal Surrender : नक्सलवाद को फिर से बड़ा झटका! 37 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों के लगातार जारी अभियान का दिख रहा असर…

सूत्रों की मानें तो इस पूरी कवायद के पीछे पार्टी के बड़े नेताओं का बड़ा एजेंडा है। हाल ही में इस शिविर में राहुल गांधी खुद पहुंचे थे। उन्होंने जिला अध्यक्षों को जनता से जुड़ने का सीधा मंत्र दिया है। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज लगातार इन नेताओं की निगरानी कर रहे हैं। 5-5 लोगों की टीमें बनाई गई हैं ताकि हर एक छोटी समस्या पर बारीकी से काम हो सके। अगर अभनपुर और कुरूद का यह रात्रि प्रवास प्रयोग सफल रहा, तो कांग्रेस इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू कर सकती है।