रायपुर। दिल्ली से रायपुर लौटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोचिंग सेंटरों को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। लखनऊ हादसे के बाद अब छत्तीसगढ़ के छात्रों की सुरक्षा पर सरकार का पूरा फोकस है।
राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर के कोचिंग संस्थानों पर अब प्रशासनिक नजर रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने साफ कहा है कि विद्यार्थियों की जान से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने मुख्य सचिव को सभी कोचिंग सेंटरों की गहन जांच के निर्देश दे दिए हैं। आग से बचाव और सुरक्षा के जरूरी मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
बस्तर से लेकर स्वास्थ्य तक, दिल्ली में रही चर्चा
मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे से खुश नजर आए। वहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसमें मुख्य रूप से बस्तर की सुरक्षा और वहां हो रहे विकास कार्यों पर मंथन हुआ। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उनके साथ थे।
सीएम साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने एक बड़ी मांग रखी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स खोलने का प्रस्ताव दिया है। सीएम ने तर्क दिया कि राज्य का 44 फीसदी इलाका जंगलों से घिरा है, जहाँ दुर्लभ जड़ी-बूटियां मौजूद हैं। आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ अब शोध और उपचार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
संविधान हत्या दिवस पर सीएम का हमला
25 जून का दिन भाजपा देशभर में काला दिवस के रूप में मना रही है। सीएम साय ने इसे ‘संविधान हत्या दिवस’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि 1975 में इसी दिन लोकतंत्र का गला घोंटा गया था। उस समय विपक्ष के बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। नई पीढ़ी को इस काले इतिहास के बारे में पता होना चाहिए। इसीलिए सरकार ने इसे एनसीईआरटी के सिलेबस में जोड़ने का फैसला लिया है।
यूपीएससी छात्रों के लिए गुड न्यूज
दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम साय ने छत्तीसगढ़ के यूपीएससी अभ्यर्थियों से भी मुलाकात की। वहां बने ‘यूथ हॉस्टल’ का असर दिख रहा है। वहां रहकर तैयारी करने वाले 13 छात्रों ने इस बार प्रीलिम्स क्लियर किया है। अब सरकार इन बच्चों की मेन्स परीक्षा की तैयारी के लिए और बेहतर इंतजाम करने जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा अफसर बन सकें।



