रायपुर। देश के लाखों ग्रामीणों के लिए आज 1 जुलाई से एक बेहद बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को पूरी तरह बदलते हुए नया कानून लागू कर दिया है, जिसके तहत अब ग्रामीणों को ज्यादा दिन काम और बढ़ी हुई मजदूरी मिलेगी।
मनरेगा की जगह अब ‘वीबी-जी राम जी एक्ट’
दरअसल, केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (वीबी-जी राम जी एक्ट) को आज से पूरे देश में लागू कर दिया है।
अब 100 नहीं, पूरे 125 दिन के काम की पक्की गारंटी
इस नए कानून के तहत सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि अब ग्रामीण परिवारों को साल में सिर्फ 100 दिन नहीं, बल्कि पूरे 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यानी अब संकट के दिनों में ग्रामीणों के हाथ में 25 दिन का अतिरिक्त काम होगा, जिससे गांवों से पलायन रुकेगा।
जेब में आएंगे ज्यादा पैसे
गौरतलब है कि सरकार ने अब देश में औसत दैनिक मजदूरी को 298.8 रुपये से बढ़ाकर 327.4 रुपये कर दिया है। यानी हर दिन की कमाई में सीधे 28.6 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
मिनिमम मजदूरी का नियम: अब देश के किसी भी राज्य में 300 रुपये से कम मजदूरी नहीं दी जाएगी।
बजट का इंतजाम: सरकार ने इस नई व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए 95,692.31 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट राज्यों को जारी कर दिया है, ताकि मजदूरों के भुगतान में देरी न हो।
उत्तर प्रदेश, बिहार और इन राज्यों में बंपर बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 फीसदी तक का तगड़ा उछाल आया है। वहीं कुछ राज्यों में तो यह आंकड़ा 400 के पार निकल गया है:
हरियाणा: ₹409 प्रतिदिन
गोवा: ₹406 प्रतिदिन
केरल: ₹401 प्रतिदिन
सिक्किम (ऊंचाई वाले क्षेत्र): ₹450 प्रतिदिन



