नई दिल्ली। देश के आर्थिक विकास की रफ्तार को दिखाने वाली एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। सरकार ने सालाना गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी कलेक्शन की नई रिपोर्ट जारी कर दी है। इस बार देश का कुल जीएसटी कलेक्शन 13.9 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 1,94,812 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी समय के दौरान 1,71,105 करोड़ रुपये था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस कुल टैक्स में केंद्र सरकार का हिस्सा 37,376 करोड़ रुपये और राज्यों का हिस्सा 45,116 करोड़ रुपये रहा है। वहीं राज्यों के बीच होने वाले कारोबार से 1,12,320 करोड़ रुपये मिले हैं जिसमें विदेशों से आने वाले सामान पर लगा टैक्स भी शामिल है।
जीएसटी रिफंड में भी देखी गई 29.1 प्रतिशत की तेजी
जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जून के महीने में जीएसटी रिफंड यानी व्यापारियों को वापस किए जाने वाले टैक्स में भी 29.1 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इस बार सरकार ने 32,436 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया है जो पिछले साल 25,121 करोड़ रुपये था। इस रिफंड की रकम को अगर हटा दिया जाए तो जून में सरकार के पास शुद्ध रूप से 1,62,377 करोड़ रुपये का टैक्स जमा हुआ है। यह पिछले साल जून के मुकाबले 11.2 प्रतिशत ज्यादा है।
साल की पहली तिमाही में 8 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ
वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के शुरुआती 3 महीनों में देश का कुल जीएसटी कलेक्शन 6,31,699 करोड़ रुपये रहा है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 5,82,542 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें 8.4 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ यानी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस 3 महीने के दौरान सरकार ने व्यापारियों को 91,482 करोड़ रुपये वापस भी किए हैं।
टैक्स चुकाने में महाराष्ट्र सबसे आगे, यूपी भी टॉप 5 में शामिल
देश भर में सबसे ज्यादा जीएसटी टैक्स देने वाले राज्यों की सूची में महाराष्ट्र सबसे ऊपर रहा है जहां से 9,924 करोड़ रुपये का टैक्स मिला है। इसके बाद दूसरे नंबर पर गुजरात (4,333 करोड़ रुपये), तीसरे पर कर्नाटक (4,118 करोड़ रुपये), चौथे पर तमिलनाडु (3,639 करोड़ रुपये) और पांचवें नंबर पर उत्तर प्रदेश रहा है जहां से 3,249 करोड़ रुपये का टैक्स आया है। आपको बता दें कि देश में 9 साल पहले 1 जुलाई 2017 को पुरानी टैक्स व्यवस्था जैसे सेल्स टैक्स और वैट को खत्म करके पूरे देश में एक समान जीएसटी व्यवस्था को लागू किया गया था जिससे व्यापार करना काफी आसान हो गया है।
बाजार में बढ़ी मांग और विदेशी व्यापार से मिली बड़ी मजबूती
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स कलेक्शन में आई यह भारी तेजी देश के भीतर सामान की बढ़ती मांग और मजबूत विदेशी व्यापार को दर्शाती है। जून के महीने में विदेशों से आने वाले सामान यानी आयात से मिलने वाले टैक्स राजस्व में 34.6 प्रतिशत से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी हुई है। यह इस बात का साफ संकेत है कि देश के कारखानों और उद्योगों में कच्चे माल और बड़ी मशीनों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा टैक्स संबंधी नियमों और पुरानी गड़बड़ियों पर सरकार द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई से भी टैक्स चोरी रुकी है और ईमानदारी से टैक्स जमा करने वालों की संख्या बढ़ने से सरकारी खजाने को बड़ी मजबूती मिली है।



