रायपुर नगर निगम में 6 जुलाई को बैठक से पहले सभापति ने पार्षदों को दी हिदायत

टीआरपी। नगर पालिक निगम में 6 जुलाई 2026 को होने वाले विशेष सम्मिलन से ठीक पहले निगम के सभापति सूर्यकांत राठौड़ नेअपने कार्यालय कक्ष में सत्ता पक्ष भाजपा, प्रतिपक्ष कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की अलग-अलग बैठकें ली हैं। इस दौरान उन्होंने सभी पक्षों से सदन की गरिमा बनाए रखने और चर्चा के दौरान शांति व्यवस्था में सहयोग करने की पुरजोर अपील की।

रायपुर नगर निगम के विशेष सम्मिलन में जल संकट, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होनी है, जिसमें भारी हंगामे के आसार हैं। बैठक से पहले सभापति की इस पहल का उद्देश्य सदन की कार्यवाही को बिना किसी व्यक्तिगत छींटाकशी के सुचारू रूप से चलाना है, ताकि जनता की समस्याओं का सही समाधान निकल सके।

सदन की गरिमा बनाए रखें, व्यक्तिगत टिप्पणी से बचें: सभापति

सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने सभी राजनीतिक दलों के पार्षदों से स्पष्ट रूप से कहा कि विशेष सम्मिलन की बैठक में आपसी या व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करने से बचें। उन्होंने पार्षदों को आश्वस्त किया कि रायपुर शहर की ज्वलंत समस्याओं पर खुलकर और नगर हित में बात रखने के लिए सभी को पर्याप्त समय दिया जाएगा। यह विशेष सम्मिलन 6 जुलाई (सोमवार) को सुबह 11 बजे से निगम मुख्यालय के चतुर्थ तल पर सामान्य सभा सभागार में आयोजित होगा।

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सभापति द्वारा बुलाई गई इस समन्वय बैठक में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, एमआईसी सदस्य महेन्द्र खोडियार, भोला राम साहू, अमर गिदवानी, संतोष सीमा साहू, नंद किशोर साहू, गायत्री सुनील चंद्राकर, जोन अध्यक्ष मुरली शर्मा, अम्बर अग्रवाल, गज्जू साहू और सचिन बी. मेघानी सहित तीनों पक्षों के प्रमुख पार्षद उपस्थित रहे।

रायपुर नगर निगम का यह विशेष सम्मिलन 6 जुलाई 2026 सोमवार को सुबह 11 बजे से महात्मा गांधी सदन के सभागार में शुरू होगा।


बैठक का मुख्य एजेंडा रायपुर शहर की चार बड़ी समस्याएं—जल संबंधी मुद्दे, अवैध प्लाटिंग/निर्माण, अतिक्रमण और सफाई व्यवस्था पर केंद्रित है।

सभापति की इस समझाइश के बाद अब देखना होगा कि 6 जुलाई को होने वाली वास्तविक बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा होती है या फिर पुराना गतिरोध दोबारा देखने को मिलता है।