रायपुर। राजधानी रायपुर के धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के नकटी गांव में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर अब भाजपा के अंदर से ही बगावती सुर उठने लगे हैं। धरसींवा से तीन बार के पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवजी भाई पटेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक पत्र लिखकर प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे ‘अमानवीय’ करार दिया है।
अपनों के ही निशाने पर आई साय सरकार
बता दें कि नवा रायपुर के पास नकटी गांव में हाल ही में प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर कई घरों को जमींदोज कर दिया था। इस कार्रवाई से करीब 80 परिवार बेघर हो गए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के खिलाफ अब भाजपा के कद्दावर नेता देवजी भाई पटेल मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में साफ तौर पर कहा है कि यह कार्रवाई जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत की कड़ी आपत्ति के बावजूद की गई है, जो कि पूरी तरह से गलत है।

“दूधमुंहे बच्चे बिलखते रहे…” पत्र में बयां किया पीड़ितों का दर्द
देवजी भाई पटेल ने पत्र में प्रशासन की इस कार्रवाई को बेहद क्रूरता पूर्ण बताया है। उन्होंने जमीनी हकीकत बयां करते हुए लिखा कि भारी पुलिस बल की तैनाती कर जबरन घरों से दूधमुंहे बच्चों और बुजुर्गों को रोते-बिलखते बाहर निकाला गया। घरों को तोड़े जाने की वजह से लोगों के पालतू मवेशी भी इधर-उधर लापता हो गए हैं।
ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों की खानापूर्ति
प्रभावितों को नवा रायपुर सेक्टर 30 में ईडब्ल्यूएस के महज एक-एक कमरे का मकान देकर खानापूर्ति की जा रही है, जहां न तो पानी की ठीक व्यवस्था है और न ही बिजली की। संयुक्त परिवारों का एक कमरे में गुजारा नामुमकिन है।
चारागाह की जमीन पर विधायक कॉलोनी बनाने का विरोध
गौरतलब है कि नकटी गांव की इस 15.4790 हेक्टेयर चारागाह भूमि पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से विधायकों और अधिकारियों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाने का प्रस्ताव है। देवजी भाई पटेल ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा है कि चारागाह की जमीन को किसी अन्य प्रयोजन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने मांग की है कि विधायक कॉलोनी का निर्माण इस चारागाह भूमि के बजाय नवा रायपुर के किसी अन्य रिक्त स्थान पर किया जाए। साथ ही नकटी गांव के मूल निवासी ग्रामीणों को पुनः उसी स्थान पर ससम्मान बसाया जाए।





