Raipur News: नकटी गांव में हुई कार्रवाई और उसके बाद कांग्रेस के विरोध के बीच अब प्रशासन हर कदम संभलकर उठा रहा है। इसी बीच ग्राम तूता के कुछ ग्रामीणों को एनआरडीए की ओर से कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद विस्थापन की आशंकाएं जताई जाने लगीं। हालांकि, एनआरडीए ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल गांव में किसी भी तरह की बेदखली या विस्थापन की कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है।
प्राधिकरण के मुताबिक, ग्राम तूता में अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और नियमानुसार संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। एनआरडीए ने साफ किया कि यह केवल प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। अभी किसी को हटाने या विस्थापित करने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
इस बीच 2 जुलाई को गांव के प्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख लोगों ने एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की। बैठक में तय हुआ कि सभी पक्षों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, ताकि आपसी सहमति से समाधान का रास्ता निकाला जा सके। इसके बाद अधिकारियों के साथ फिर चर्चा होगी और लोकहित को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा।
एनआरडीए ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से समय-समय पर गांव के अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए पत्र भेजे जाते रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी के साथ अन्याय करना नहीं, बल्कि कानून के तहत सार्वजनिक हित में कार्रवाई करना है।
एनआरडीए ने भरोसा दिलाया है कि आगे जो भी निर्णय होंगे, वे पूरी संवेदनशीलता और नियमों के अनुरूप लिए जाएंगे, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ ग्रामीणों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।


